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बड़ी खबर-: 14 दिसम्बर में पूरे देश में……अभी अभी मोदी सरकार….

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कृषि सुधार के का’नूनों को रद करने और ए’मएस’पी की गा’रंटी देने का का’नून ब’नाने की मांग पर अड़े किसानों ने स’रकार के सं’शोधन प्रस्ता’वों को खा’रिज कर दिया है। अपनी मांगों के माने जाने तक आंदोलन को और ते’ज करने का फै’सला किया है। स’रकार के सं’शोध’न वाले प्र’स्तावों और कि’सान मोर्चे के फैसले को लेकर बुधवार को दि’नभर गह’माग’हमी का मा’हौल रहा। इस बीच किसानों के स’मर्थ’न में वि’पक्षी दलों ने राष्ट्र’प’ति से मु’ला’का’त कर कृ’षि का’नूनों को रद करने की मां’ग की।

स’रकार का’नूनों में सं’शोधन को तैयार

सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि वह कृषि का’नूनों को वापस नहीं लेगी लेकिन वह बीच का रास्‍ता निकालने के लिए नए कृषि कानू’नों में सं’शोधन का तैयार हो गई है। सरकार ने अपने संशो’धन प्रस्ताव में जोर देकर कहा है कि केंद्र सरकार एमएसपी की मौ’जूदा स’रकारी ख’रीद प्र’णाली के संबंध में लिखित भरोसा देने को तैयार है। केंद्रीय गृह’मंत्री अमित शाह के साथ बी’ती रात दो घंटे की चर्चा में बनी सहमति के बाद कि’सान मो’र्चे के नेताओं के पास स’रकार ने बु’धवार को दो’पहर बाद सं’शोध’न प्र’स्ता’व भेजा।

14 दि’संबर को दे’शव्‍या’पी प्र’दर्शन

किसान नेताओं ने कहा है कि तीनों कृषि कानून रद किए जाएं और न्यू’नतम स’मर्थन मूल्य यानी एम’एस’पी की गा’रंटी वाला कानून लाया जाए। किसानों ने अपना आं’दोलन ते’ज करते हुए दि’ल्ली को जा’म करने का ऐ’लान किया है। उनके घो’षित कार्यक्रम में दि’ल्ली को जो’ड़ने वाले सभी रा’ष्ट्रीय रा’जमार्गों दिल्ली से ज’यपुर, दि’ल्ली से आ’गरा और दिल्ली से ल’खनऊ की ओर जाने वाली सड़कें रोक दी जाएंगी। टो’ल प्ला’जा खो’ल दिए जा’एंगे। किसानों ने 14 दिसंबर को दे’शभर में जिला और प्रदेश स्तर पर ध’रना प्र’दर्शन करने का ऐ’लान किया है। भा’जपा के नेताओं और उनके का’र्यालयों का घे’राव किया जा’एगा।

कृ’षि का’नूनों को ख’त्‍म करने की मांग

प्रस्ताव में कहा गया था कि किसानों से उपज की खरीद करने वाले निजी व्या’पारियों के लिए पं’जीकरण का प्रावधान होगा। हालांकि किसान नेता तीनों नए कृषि कानूनों को ख’त्‍म करने की मांग कर रहे हैं। इस म’सले पर स’रकार ने प्र’स्‍ताव में कहा है कि वह उन कानूनों के प्रा’वधानों पर सं’शो’धन के लिए विचार करने को तै’यार है जिन पर किसानों की आ’पत्ति’यां हैं।

व्यापारियों के पंजीकरण पर प्रस्‍ताव

मंडी समितियों की ओर से स्थापित मंडियों के कमजोर होने और किसानों के निजी मंडियों के चं’गुल में फं’सने के म’सले के स’माधान के लिए भी सरकार ने कानू’न में सं’शोधन का प्रस्ताव दिया है। सरकार ने अपने प्र’स्ताव में कहा है कि रा’ज्य स’रकार निजी मं’डि’यों में भी र’जिस्ट्रेश’न की व्य’वस्था लागू कर सकती हैं। यही नहीं ए’पीएम’सी में लागू मंडी शुल्क या उपकर निजी मंडियों पर भी तय हो सकेगा।