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अयोध्या राम मंदिर खुदाई में ये क्या निकल गया😱,जिसने सरकार में मचा दी खलबली..

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अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए राम भक्तों ने मंदिर निर्माण के लिए खजाना खोल दिया. कल यानी कि शनिवार तक 1590 करोड़ रुपये राम मंदिर निर्माण के लिए मिल चुके हैं.

निमिष गोस्‍वामी
अयोध्या. अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए निधि समर्पण अभियान चल रहा है. राम भक्तों ने मंदिर निर्माण के लिए खजाना खोल दिया. कल यानी कि शनिवार तक 1590 करोड़ रुपये राम मंदिर निर्माण के लिए मिल चुके हैं. निधि समर्पण अभियान के दरमियान अभी लगातार धन संग्रह किया जा रहा है. वहीं राम मंदिर की नींव की खुदाई का काम भी करीब 70 दिनों में पूरी कर लिया जाएगा.

ट्रस्ट का दावा है कि आशा से अधिक राम भक्तों ने राम मंदिर निर्माण के लिए सहयोग किया है. लगभग चार क्विंटल से ज्यादा चांदी और सोने का दान भी किया गया है. इसी क्रम में आज दलितों की तरफ से डॉ भीमराव अंबेडकर महासभा ट्रस्ट ने श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा को चांदी की ईट दान की है. अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष डॉ लालजी प्रसाद निर्मल ने कारसेवक पुरम में राम मंदिर निर्माण के लिए चांदी की शिला भेंट की है.

इस दरमियान श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ अनिल मिश्रा ने बताया कि भगवान राम लला को प्रतीक स्वरूप चांदी की ईंट अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष डॉ लालजी प्रसाद निर्मल की तरफ से समर्पित की गई है. 15 जनवरी मकर संक्रांति से राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए निधि समर्पण अभियान चलाया जा रहा है. समाज ने बहुत ही व्यापक स्तर पर इसमें अपना सहयोग दिया है.
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दान की चांद रखने के लिए ट्रस्ट के पास नहीं है जगह

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ अनिल मिश्रा का कहना है कि राम लला के मंदिर निर्माण के लिए आ रही चांदी के दान को रखने के लिए जगह नहीं बची है. बैंक के लॉकर फुल हो गए हैं. इस वजह से बीच में चांदी का दान लेना बंद कर दिया गया था. बहुत ही श्रद्धा से जिन लोगों ने इकट्ठा करके रखा है ऐसा लगता है कि वह लेना जरूरी है, उन्हीं से लिया जा रहा है. बड़ी संख्या में आई चांदी का दान स्वीकार करके हम कहां रखेंगे यह भी एक बड़ा विषय है. लगभग 400 किलो चांदी का दान आ चुका है. साथ ही सोने का भी दान आया है, वह भी रखा गया है. ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने कहा कि जब इसकी जरूरत पड़ेगी तो लगेगा लेकिन अभी तक जो हम लोग धातु के रूप में दान स्वरूप आया है.

डॉ अनिल मिश्रा ने सामाज से निवेदन किया कि धातु के रूप में दान ना दें, उसको रखने के लिए हमारे पास समस्या है. लगातार सोने और चांदी के दान आने के कारण इसको बैंकों में रखना पड़ रहा है और बैंकों में रखने पर इसका खर्च भी बढ़ेगा. इसलिए फिलहाल हम अभी धातु के रूप में दान ना देने के लिए लोगों से अपील कर रहे हैं. मंदिर निर्माण शुरू होने के बाद यदि आवश्यकता पड़ेगी तो आवाहन किया जाएगा. उस समय जनसामान्य अगर सहयोग करेगा तो स्वाभाविक है.
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रामलला के मंदिर निर्माण पर बोलते हुए ट्रस्ट के सदस्य डॉ अनिल मिश्रा ने कहा कि रामलला के परिसर में नींव की खुदाई का काम प्रगति पर है लगभग 9 मीटर तक खुदाई पूरी हो चुकी है. 70 दिनों के अंदर नींव की खुदाई का काम पूरा हो जाएगा. इसी दौरान उसके अंदर जो फील्ड इंजीनियर मैटेरियल है उसका कंपोजीशन सब तैयार किया जा रहा है. इसी माह के आखिरी में कार्यों की समीक्षा बैठक होगी और समीक्षा होने के बाद नींव की खुदाई का काम पूरा हो जाएगा. यह काम मार्च महीने के अंत से फीलिंग के लिए शुरू किया जाएगा.