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PNB के बाद अब इस Bank पर कैसे बढ़ता गया संकट? 5 वजहों से जानिए

कई बड़े प्रोफेशनल की तरफ से शुरू किया गया यस बैंक अब संकट में फंस गया है. आपको बता दें कि रिजर्व बैंक ने इसके बोर्ड का संचालन ले लिया है. अब इससे महीने में 50 हजार रुपये तक की ही सीमा तय कर दी है. साथ ही सरकार ने बैंक को संकट से दूर करने के लिए कवायद भी शुरू कर दी है. चालिए आपको बताते है उन 6 वजहें जिनकी वजह से बैंक की हालत खराब हुए.

1. वित्तीय हालत बिगड़ते जाना

आपको बता दें कि पिछले कई साल में यस बैंक की वित्तीय हालात लगातार बद से बदतर होते जा रहें थे. वहीं लोन से होने वाले संभावित नुकसान से बचने के लिए बैंक पूंजी जुटाने में नाकाम रहा. जिससे बैंक को लगातार कई तिमाही में घाटे या अपर्याप्त मुनाफे का सामना करना पड़ा.

2. प्रशासन के मसले

बैंक में कुछ दिनों में गवर्नेंस के कई गंभीर मसले सामने आए हैं. जिसकी वजह से बैंक लगातार पिछड़ता गया. रिजर्व बैंक ने इसे देखते हुए अपने एक पूर्व डिप्टी गवर्नर आर गांधी को बैंक के बोर्ड में भेजा है.

3. रिजर्व बैंक को धोखे में रखा

बैंक प्रबंधन ने रिजर्व बैंक को ये संकेत दिया था कि वो कई निवेशकों से बात कर रहे हैं और इसमें सफलता मिलेगी. लेकिन सच तो ये है कि उनके पास निवेशकों से निवेश के लिए कोई ठोस प्रस्ताव नहीं था.

4. कारगर नहीं रही सुधार की योजना

रिजर्व बैंक ने कहा कि बाजार आधारित सुधार योजना बेहतर होती है. रिजर्व बैंक ने ऐसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए सभी प्रयास किए और बैंक के प्रबंधन को पर्याप्त मौके दिए कि वे एक विश्वसनीय सुधार योजना बना सकें, लेकिन ये कारगर रूप नहीं ले सका.

5. नकदी का निकलते जाना

आपको बता दें कि बैंक से लगातार नकदी बाहर निकलती जा रही थी. जिसका मतलब ये है कि ग्राहक बैंक से पैसा निकालते जा रहे थे और जमा कम होता रहा था. जमा किसी बैंक की रोजी-रोटी के लिए सबसे जरूरी होते हैं.बताते चलें कि सितंबर 2019 तक बैंक के पास जमा खाता सिर्फ 2.09 लाख करोड़ रुपये का था.