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कोरोना से लड़ने के लिए BCG के टीके के इस्तेमाल को लेकर आई ये बड़ी खबर

भारत में कोरोना का कहर बढ़ता ही जा रहा है. देश में अब तक मरीजों की संख्या 14000 के पार पहुंच चुकी है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक अब तक देश में इसके 11906 केस सामने आ चुके हैं. वहीं 480 लोगों की इससे मौत हो चुकी है. इसमें से 1991 लोगों का सफलतापूर्वक इलाज किया जा चुका है. संक्रमण के सबसे ज्यादा मामले महाराष्ट्र से सामने आ रहे है.

स्वास्थय मंत्रालय के मुताबिक कोरोना से सबसे ज्यादा मौतें महाराष्ट्र में हुईं है. आपको बता दें कि अब तक महाराष्ट्र में 201, मध्य प्रदेश में 69, गुजरात में 41, पंजाब में 13, दिल्ली में 42, तमिलनाडु में 15, तेलंगाना में 18, आंध्र प्रदेश में 14, कर्नाटक में 13, पश्चिम बंगाल में 10, जम्मू-कश्मीर में 5, उत्तर प्रदेश में 14, हरियाणा में 3, राजस्थान में 11, केरल में 3, झारखंड में 2, बिहार में2, असम, हिमाचल प्रदेश और ओडिशा में एक-एक मौत हुई है.

‘ कोविड-19 के खिलाफ बीसीजी के टीके का प्रभाव पता करने के लिए आईसीएमआर अध्ययन करेगा. जब तक कोई निश्चित परिणाम नहीं मिल जाता तब तक स्वास्थ्य कर्मियों के लिए भी इसकी सिफारिश नहीं की जाएगी. बैसिलस कालमेट गुएरिन (बीसीजी) टीके का इस्तेमाल टीबी से बचाव के लिए किया जाता है. भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के वैज्ञानिक डॉक्टर रमन आर गंगाखेड़कर ने कहा कि संस्थान अगले सप्ताह कोरोना वायरस संक्रमण के खिलाफ टीके के प्रभाव का पता लगाने के लिए अध्ययन शुरू करेगा.

उन्होंने शुक्रवार को एक प्रेस ब्रीफिंग में टीके के इस्तेमाल के संबंध में पूछे गये प्रश्न के जवाब में कहा, ‘‘जब तक अध्ययन के नतीजे नहीं आ जाते और प्रमाण नहीं मिल जाते, तब तक हम स्वास्थ्य कर्मियों को भी टीके की सिफारिश नहीं करेंगे.’’ उन्होंने कहा कि बच्चे के जन्म के तत्काल बाद बीसीजी का टीका दिया जाता है. गंगाखेड़कर ने कहा कि यह टीका किसी को टीबी के संक्रमण के जोखिम से पूरी तरह नहीं बचाता बल्कि आंशिक संरक्षण प्रदान करता है.