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घर-घर जाकर चौका बर्तन करने वाली ये महिला नेताओं के साथ बिता चुकी थी कई रातें!! देखें तस्वीर👇

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आज हम आपको बताने जा रहे हैं एक ऐसी महिला की कहानी जो एक मामूली सी महिला होकर भी बड़े बडे नेताओं को हिलाकर रख दिया। जी हां जैसा कि हम सभी ये तो जानते ही हैं कि राजस्‍थान में महिलाओं की क्‍या स्थिति है वहीं आज हम आपको जिस महिला के बारे में बताने जा रहे हैं उसके बारे में आपने सुना तो बहुत कुछ होगा लेकिन अभी भी कुछ ऐसी स’च्‍चा’ई है जिसे आप जान नहीं पा’एंगे होंगे। तो आपको बता दें कि हम बात कर रहे हैं रा’जस्‍था’न के नट बि’राद’री से ता’ल्लु’क रखने वाली भं’वरी देवी का।

आपको बता दें कि जोधपुर के करीब पैनन कस्बे के एक सरकारी अस्पताल में बतौर नर्स काम करती थी वैसे तो उसकी शादी भी हो चुकी थी लेकिन मॉडलिंग और राजस्थानी एल्बम को सीढ़ी बना कर वह राजस्थानी फिल्मों की हीरोईन बनने का सपना पाल रही थी जिसे पूरा करने के लिए वो हर काम करने को तैयार थी। बताया जाता है कि उस गांव के अस्पताल में ले देकर एक ही वही नर्स थी और वो भी ड्यूटी से गायब रहती थी जिसकी वजह से कुछ ही दिन में उसे नौकरी से भी स’स्पेंड कर दिया गया था।

इतना कुछ होने के बाद उसकी मुलाकात कांग्रेस के क’द्दावर नेता विश्नोई के पुत्र मलखान से हुई और इनकी दो’स्‍ती प्‍या’र में बदल गई और फिर क्‍या था भंव’री देवी ने एक बेटी को भी जन्म दिया। वहीं इसके बाद वो इन सबके बीच भंवरी के मन में भी राजनीति में आने का सपना आने लगा था और उसने अपनी मन की बात पूरी करने के लिए मलखान के अ’लावा दि’ग्गज कांग्रेस नेता परसराम मदेरणा के पुत्र महिपाल मदेरणा से भी दोस्ती का ली और जैसे जैसे समय बितता गया वैसे वैसे वो दोनों यानि मलखान और महिपाल के क’रीब हो गई।

भंवरी को भी धीरे धीरे स’त्ता की ता’कत का एहसास हो गया था जिसकी वजह से वो इन्ही दोनों नेताओं के जरिए बाकि के नेताओं से भी मिल चुकी थी और अब उसकी जिंदगी भी काफी बदल गई थी। कुछ ही समय में उसकी त’रक्‍की कुछ इस तरह हुई कि उसने नया घर, कई कार खरीदी, और अपने बेटी और बेटे का दाखि’ला नामी स्कूल में करवाया। साल 2010 तक भंवरी ने सत्ता का खूब सुख भोगा पर अचानक बात बिगड़ी गई नेताओं के नजदीक होने के कारन उसने ए’मएल’ए का टिकट मांगने लगी लेकिन उसकी इस मांग को वो पचा नहीं पा रहे थें और म’हिपा’ल और म’लखान ने इसे मानने से इंकार कर दिया और सत्ता का सुख भोगने वाली भंवरी की आदते बे’लगाम हो गई।

जब उसे टिकट नहीं मिला तो बौ’खलाई भं’वरी ने इन’दो’नों के साथ अपनी से’क्‍स वी’डि’यो की सीडी तै’यार करवा ली और उन्‍हें धम’कि’यां देने लगी। भंवरी देवी ने ऐ’लान किया था कि उसके पास एक सी’डी है। जिसके बाहर आ जाने पर रा’जस्था’न की सरकार तीन दिन में गि’र जाएगी। जिसके बाद ने’ताओं के हाथ-पां’व फू’लने लगे थे। बताया जाता है कि इस ध’म’की के बाद से म’जबू’रन म’देर’णा ने उस सी’डी के ब’द’ले उसे 60 लाख रुप’या दिया पै’से मि’ल’ने के बाद वो अपनी बे’टी को ह’क़ दि’ला’ने के उ’द्देश्’य से वि’श्नोई स’मा’ज के सबसे बड़े खे’ज’डली श’ही’दी मेले में जाने की घो’ष’णा की और पुरे मा’मले की उनके सा’मने बता कर अपनी ब’च्ची को न्या’य दि’लाए’गी।

लेकिन इसी बीच म’लखा’न की बह’न इं’द्रा ने भंव’री के अ’पहर’ण की सा’जिश रच उ’ससे सी’डी छी’न’ने की यो’जना तै’यार की विश’नारा’म की योज’ना भं’वरी को टॉ’र्चर कर सी’डी लेने की थी, लेकिन रास्ते में भं’वरी ने वि’रोध करते हुए चि’ल्ला’ना शुरू कर दिया, फिर उसे चु’प करा’ने के प्रयास में वि’शनारा’म ने भं’वरी का ग’ला दबा दिया, जोर से ग’ला दब’ते ही उस’का दम टू’ट गया। उसके बाद विश’नारा”म ने उसकी चि’ता को जलाकर उसकी रा’ख को राजीव गाँधी लिफ्ट न”हर में बहा दिया। उसदिन के बाद आजतक भंवरी कभी घर नहीं लौ’टी।