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GB रोड की से’क्स वर्क’र्स ने केजरीवाल से कही ये बड़ी बात, जानकर हैरान रह जाएंगे

आप सबको पता ही होगा देश की राजधानी दिल्ली में 8 फरवरी को विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. हर पार्टी वोट डालने से पहले अपने चुनावी मुद्दे को लेकर पूरी तरह से जागरूक हो चुकी है।

दिल्ली में 8 फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए वोट डाले जाएंगे. इसके चलते हर पार्टी अपने-अपने चुनावी मुद्दे को लेकर जनता को जागरूक कर रही है. इसी सब को लेकर दिल्ली की एक महिला सेक्स वर्कर्स ने भी अपनी समस्याओं को लेकर बातचीत की है।

आपको बता दें कि दूसरों की तरह उन्हें भी कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इस से’क्स वर्क’रों ने खुलकर बताया है कि काम के समय उन लोगों को किन-किन समस्याओं से गुजरना पड़ता है.

समस्या को बताते हुए एक से’क्स व’र्कर ने बताया कि, ‘हमारे काम को हमारी सरकारी सुविधाओं से जोड़ दिया जाता है. हम कोई स्वास्थ्य सेवाएं लेने जा रहे हैं तो वहां हमसे भेदभाव किया जाता है. इतना ही नहीं स्कूलों में हमारे बच्चों के साथ भी बहुत भेदभाव किया जाता है. हमारे साथ आम महिलाओं की तरह व्यवहार नहीं किया जाता है. हम सरकार से चाहते हैं कि हमारे इन छोटे-छोटे मुद्दों पर ध्यान दिया जाए.

आपको बता दें कि इस से’क्स व’र्क’रों की ये मांग है कि उन्हें भी आम लोगों की तरह ही से’क्स व’र्क’रों की भी समस्याओं को समझा जाएं जिससे उनके साथ जो अत्या’चार हो रहा है उसे कम किया जा सके. इनका आरोप है कि अप’राध पर लगाम लगाने को छोड़कर यहां की पुलिस भी आकर अपनी पूरी मनमानी ही करती है और उन्हें परेशान करती है. पुलिस को इस पर रोक लगनी चाहिए।

से’क्स व’र्क’रों का कहना है कि जी’बी रो’ड इस कदर बदनाम है कि सफाईकर्मी भी यहां आने से कतराते हैं जिसकी वजह से यहां चारों तरफ गंदगी फैली रहती है और हर समय बदबू आती रहती है. एक से’क्स व’र्कर ने कहा, ‘मोदी के स्वच्छ भारत अभियान की दूर-दूर तक यहां कोई पहुंच नहीं है. आखिर ये भी तो भारत का ही हिस्सा है फिर इसके साथ इतना अलग व्यवहार क्यों किया जाता है. यहां नेता भी बस वोट मांगने के टाइम ही नजर आएंगे।’

साथ ही उन्होंने बताया कि बच्चों तक टीकाकरण की सुविधाएं नहीं पहुंच पा रही हैं.जी’बी रो’ड के सरकारी अस्पतालों में हमसे कई तरह के गलत सवाल किए जाते हैं जैसे कि बच्चे का बाप कौन है, बाप है भी कि नहीं, एड्रेस की पूरी जानकारी दो. इनसे परेशान होकर हम लोग अब अपने खर्चे पर प्राइवेट अस्पताल में जाकर ही बच्चों का टीकाकरण करवा रहे हैं।’