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सोनिया गॉधी के खिलाफ आवाज उठानें वालें नेताओं पर शुरू हुई कार्यवाई!! सभी के………

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कांग्रेस वर्किंग कमेटी की हंगामेदार मीटिंग के दो दिन बाद कांग्रेस आलाकमान ने उन सभी ‘नेताओं के पर कतरने’ शुरू कर दिए हैं जिन्होंने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर पार्टी में बदलाव की मांग की थी. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस के जिन 23 नेताओं ने सोनिया गांधी को पत्र लिखा था, संसद में उनकी भूमिका पर अंकूश लगाने का काम पार्टी कर रही है.

कांग्रेस के युवा सांसद गौरव गोगोई को लोकसभा में पार्टी का उपनेता चुना है, जबकि  रवनीत बिट्टू को पार्टी ने चीफ विह्प की भूमिका सौंपी है. खबरों की मानें तो पार्टी ने मनीष तिवारी और शशि थरूर जैसे कांग्रेस के दिग्गज नेताओं को नजरअंदाज करते हुए यह फैसला किया है. बता दें, पार्टी का फैसला उस चिट्ठी के बाद आया है, जिसमें मनीष तिवारी और शशि थरूर के भी साइन थे और उन्होंने पार्टी में अध्यक्ष पद को लेकर सवाल उठाए थे.

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस ने संसद में आने वाले मुद्दों से निपटने के लिए  10 नेताओं का एक समूह बनाया है. इस समूह में राज्यसभा में विपक्ष के नेता हैं ग़ुलाम नबी आज़ाद, राज्यसभा में पार्टी के उपनेता आनंद शर्मा शामिल हैं. इस समूह में गांधी परिवार के वफादार नेताओं में शामिल  अहमद पटेल, जयराम रमेश और के सी वेणुगोपाल को भी जगह दी गई है.

इतना ही नहीं जयराम रमेश को पार्टी ने राज्यसभा का चीफ विह्प भी नियुक्त किया है. गौरतलब हो कि, ग़ुलाम नबी आज़ाद और आनंद शर्मा के साइन भी उन 23 नेताओं वाले पत्र में था. कहा जा रहा है कि इसीलिए पार्टी ने राज्यसभा में इनके अधिकारों पर या तो अंकूश लगाया है या फिर इनके प्रभाव को कम से कम करने का फैसाल लिया है.