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Covid-19 मे मिली बड़ी राहत,अब उद्योग जगत की पूरी ऑक्सी’जन देगी लोगों को साँसे,सर’कार ने उठाये ये बड़े कदम…

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अस्प,तालों में ऑक्सी,जन की कि,ल्लत दूर करने के लिए सर’कार पूरी तरह से आ,पूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने में जुट गई है। इसके तहत ऑक्सी’जन कंटे’नरों का आयात शुरू हो गया है और नाइट्रो’जन कंटे’नरों को ऑक्सीजन की ढुलाई करने की इजाजत भी दे दी गई है। इसके अलावा सर’कार की तरफ से सभी प्रकार के उद्यो’गों को ऑक्सी’जन के इस्ते’माल पर रोक के फै’सले से भी ऑक्सी’जन की आपू”र्ति में बढ़ो’तरी होगी।

सर’कार ने लिया है बड़ा फैस’ला

सर’कार ने 22 अप्रैल से नौ प्रकार के उद्योगों को छोड़कर अन्य उद्योगों के लिए ऑक्सी’जन के इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी। लेकिन अब स्टील प्लांट की कैप्टिव ऑक्सी’जन को छोड़कर कोई अन्य उद्योग ऑक्सी’जन का इस्ते’माल नहीं कर सकेगा।

उद्योग जगत के सूत्रों के मुताबिक ये नौ प्रकार के उद्योग लगभग 2,500 टन ऑक्सी’जन का इस्तेमाल कर रहे थे जो अब पूरी तरह से मेडि’कल इस्ते’माल के लिए उप’लब्ध होगी।

भ’विष्य की तैयारियों में जुटी सर’कार

यूं तो अभी अस्प’तालों के लिए जरूरी आक्सी’जन से कुछ ज्यादा आक्सीजन का उत्पादन हो रहा है, लेकिन देश भविष्य की तैयारियों में जुट गया है। देश की प्रति’दिन आक्सी’जन उत्पादन क्षमता फिल’हाल 7,127 टन है और इसमें से अधि’कतर का उत्पादन क्रायो’जेनिक एयर सेपरेटर यूनिट में किया जाता है जिसकी ढुलाई के लिए क्रायोजे’निक कंटेनर की जरू’रत होती है।

कंटे’नरों की व्यव’स्था तेज करने की को’शिशें

सर’कार ने कोरो’ना संक्र’मण से प्रभावित 20 राज्यों के लिए 6,822 टन आक्सी’जन का आवंटन कर दिया है, लेकिन समस्या ढुलाई और उसे समय पर अस्प’तालों तक पहुंचाने की है। दिल्ली समेत बहुत सी राज्य स’र’कारें अपने हिस्से की आक्सी’जन तेज गति से नहीं मंगवा पा रही हैं। एक समस्या यह भी है कि राज्य सर’का’रें पर्याप्त संख्या में कंटे’नरों का प्रबंध भी नहीं कर पा रही हैं। लिहाजा केंद्र सर’कार उद्यो’ग जगत को साथ लेकर जहां आक्सी’जन की उप’लब्ध”ता बढ़ाने में जुटी है वहीं प’र्याप्त कंटेनरों की व्यव’स्था करने के प्रयास भी तेज कर दिए गए हैं।

सिंगापुर से पहुंचे चार क्रायोजेनिक कंटेनर

वायुसेना का एक परिवहन विमान शनिवार शाम आक्सीजन के चार खाली क्रायोजेनिक कंटेनरों को लेकर बंगाल में पानागढ़ हवाई अड्डे पहुंचा। इसके अलावा टाटा समूह ने पहले ही मेडिकल आक्सीजन की ढुलाई के लिए 24 क्रायोजेनिक कंटेनरों को विदेश से मंगाने की घोषणा की थी जो भारत पहुंच भी गए हैं।

नाइट्रोजन टैंकरों के जरिये भी होगी ढुलाई

साथ ही सर’कार ने नाइट्रो’जन टैंक’रों के जरिये तरल आक्सीजन की ढुलाई की इजाजत दे दी है और इसके लिए 31 जुलाई तक किसी प्रकार की सर’का’री इजाजत की जरूरत नहीं होगी। वायुसेना के विमानों से खाली क्रायोजेनिक कंटेनरों को फि¨लग सेंटर पर ले जाया जा रह है। इसी क्रम में पुणे से जामनगर खाली क्रायोजेनिक कंटेनर पहुंचाए गए।

पे’सो ने सिलेंडरों की खरीद के लिए जारी किया टेंडर

मेडिकल ऑक्सी”जन की आपूर्ति को सुगम बनाने के लिए पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव सेफ्टी आर्ग’नाइजे’शंस (पेसो) जल्द ही एक लाख मेडिकल आक्सी’जन सिलेंडरों की खरीदारी करने जा रहा है। इसके लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। इनमें से 30 हजार सिलेंडर 47 लीटर क्षमता वाले और 70 हजार सिलेंडर 10 लीटर की क्षमता वाले होंगे।

सरकारी उपक्रम सेल जो पिछले सप्ताह प्रतिदिन 660 टन तरल मेडिकल ऑक्सी’जन की आपूर्ति कर रहा था, अब बढ़कर 850 टन के पार चली गई है। इस्पात मंत्री धमेंद्र प्रधान के मुताबिक ओडिशा के टाटा एवं राउ’रकेला स्थित संयंत्र से भी ऑक्सीजन की आपूर्ति शुरू हो गई है। अभी तक 70 टन मेडि”कल ऑक्सी’जन की आपूर्ति हो चुकी है। जेएसपीएल ने शुक्र”वार को कहा था कि उसके पास 500 टन तरल ऑक्सीजन का स्टाक है, लेकिन उसकी ढुलाई के लिए कंपनी टैंकरों का इंत’जार कर रही है।