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क्या है वजह जो दिहाड़ी मजदूर अब दिल्ली को छोड़ना चाहते हैं!

कोरोना के खतरे को देखते हुए पीएम मोदी ने पूरे देश में 3 मई तक लॉकडाउन- 2 लागू कर दिया है. ऐसे में जो दिहाड़ी मजदूर दिल्ली में ठहरे हुए थे इस उम्मीद में कि लॉकडाउन 14 अप्रैल को खत्म हो जाएगा, अब उनके मन में गांव जाने के लिए छटपटाहट तेज हो गई है. अब ये दिहाड़ी मजदूर सभी का यही कहना था कि अब दिल्ली में रुकना नहीं चाहते और जल्द से जल्द अपने गांव लौटना चाहते हैं.

उनका कहना है कि वे दिल्ली में काम करने के लिए आए थे. अब यहां पर काम नहीं रहा. इसकी वजह से अब उनके पास खाने की समस्या भी खड़ी हो चुकी है. आलम ये है कि कहीं तो एनजीओ और दिल्ली पुलिस की तरफ से खाने की व्यवस्था हो जा रही है और जहां पर सरकारी व्यवस्था के भरोसे लोग बैठे हैं, तो उनमें से अधिकतर लोगों की शिकायत है कि उन्हें खाना नहीं मिल पा रहा है.

ऐसे में जो लोग झुग्गी या फिर किराए के कमरों में रह रहे हैं, उन्हें अब दिल्ली रास नहीं आ रही. लोगों का यही कहना है कि 14 अप्रैल को उन्हें उम्मीद थी शायद लॉकडाउन से राहत मिलेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. उनका कहना था कि उनकी पूरी तैयारी थी अगर लॉकडाउन हट जाता तो हम जल्द से जल्द अपने गांव के लिए रवाना हो जाते.

वो लोग जो दिल्ली को आगे बढ़ाने के लिए मेहनत मशक्कत करने के लिए अपने गांव से आते हैं. आज उनके पास गांव लौटने के अलावा कोई और विकल्प नहीं है. वहीं कोरोना का कहर भी बढ़ता ही जा रहा है अब तक मरीजों की संख्या 1100 के पार पहुंच चुकी है. हेल्थ मिनिस्ट्री के मुताबिक देश में कोरोना संक्रमण के कुल मामले 11439 हैं, इनमें 9756 एक्टिव पेशेंट है।