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दिल्ली चुनाव: शीला दीक्षित की तरह केजरीवाल के नाम भी है ये रिकॉर्ड

दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजें साफतौर पर समाने आ चुके है और लगातार दूसरी बार दिल्ली में अरविंद केजरीवाल का जादू चलता दिखाई दे रहा है. आम आदमी पार्टी लगातार 58 सीटों से अधिक पर बढ़त बनाए हुए है, वहीं भाजपा लगातार डबल डिजिट पर संघर्ष कर रही है. साथ ही लगातार इस दूसरे विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस का खाता नहीं खुल पाया है.

कांग्रेस की दिवंगत नेता शीला दीक्षित की तरह केजरीवाल भी लगातार तीसरी बार मुख्यमंत्री बनकर हैट्रिक लगाने के करीब पहुंच चुके हैं. साल 2013 में पार्टी गठन के बाद अचानक से अरविंद केजरीवाल दिल्ली के राजनीतिक आसमां पर सितारे की तरह चमकने लगे हैं. जानकारी के मुताबिक पहली बार बहुमत नहीं मिला तो दिल्ली की जनता ने दूसरी बार दिल खोलकर आम आदमी पार्टी को वोट दिए और 70 में से 67 सीटें उसकी झोली में डाल दी. ये अपने आप में एक रिकॉर्ड था. इस बार भी उसके कदम पूर्ण बहुमत की ओर बढ़े हुए हैं। 

आपको बता दें कि इससे पहले सिर्फ शीला दीक्षित ही ऐसी नेता रहीं हैं, जो लगातार तीसरी बार मुख्यमंत्री बनी थी. वो 15 साल तक दिल्ली की सीएम रहीं थी. बता दें कि 1998 में भाजपा को हराकर शीला ने दिल्ली की कमान संभाली थी और 2013 तक शसन किया था. वहीं केजरीवाल ने ही उनके लंबे शासनकाल का अंत किया था. 

अरविंद केजरीवाल की जीत इसलिए भी खास है क्योंकि शीला दीक्षित के बाद वो ही एकमात्र ऐसे नेता हैं, जो पांच साल तक सरकार चलाने के बाद फिर से सीएम की कुर्सी पर बैठने जा रहे हैं. केजरीवाल के नाम एक और अनूठा रिकॉर्ड है. सबसे कम दिन के मुख्यमंत्री का रिकॉर्ड. 2013 में पहली बार चुनाव लड़ने वाली आम आदमी पार्टी को दिल्ली की जनता का खूब प्यार मिला है मगर बहुमत से चंद कदम दूर 28 सीटों पर उसके कदम रुक गए। सरकार बनाने के लिए कांग्रेस का सहारा लेना पड़ा। 

मगर यह बेमेल गठबंधन बहुत ज्यादा दिनों तक नहीं चला और केजरीवाल को महज 48 दिनों में सीएम पद से इस्तीफा देना पड़ा। दिल्ली के इतिहास में यह सबसे कम दिनों का कार्यकाल था। उनसे पहले यह रिकॉर्ड भाजपा की दिवंगत नेता सुषमा स्वराज के नाम था, जो 1998 में 51 दिनों के लिए मुख्यमंत्री रही थीं. आपको बता दें कि भाजपा के किसी सीएम ने अभी तक नहीं पूरे किए पांच साल।