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दिल्ली विधानसभा चुनाव में लोगों को लुभाने के लिए नेताओं ने चली घ’टिया चाल

देश में आपराधिक छवि के उम्मीदवारों की बढ़ती तादाद और उसके साथ ही चुनाव के समय मतदाताओं को लुभाने के लिए खरीदे जाने वाले अ’वैध सामान खासकर की नशे वाले पदार्थ का जोर भी पिछले सारे रेकॉर्ड तोड़ रहा है. आपको बता दें कि इस बार विधानसभा चुनाव में सुरक्षा एजेंसियों की तरफ से जब्त किए गए न’शीले प’दार्थों में गांजे की भारी मात्रा सबसे अधिक है. चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक पिछले चार विधानसभा चुनाव में गंभीर आपराधिक मामलों में फंसे उम्मीदवारों की हिस्सेदारी 2008 में 4 फीसदी से बढ़कर 2020 में 15 फीसदी हो गई है, वहीं अगर बात करें इस चुनाव में न’शीले प’दार्थों की ज’ब्ती, पिछले चुनाव की तुलना में लगभग 24 गुना तक हो चुकी है.

आपको बता दें कि चुनाव में अ’वैध सामग्री की धरपकड़ संबंधी आयोग की रिपोर्ट के अनुसार ये सामने आया है कि 2015 के विधानसभा चुनाव में जब्त की गई अ’वैध श’राब, नशीले पदार्थ और कीमती धातुओं की कीमत 2.42 करोड़ रुपये थी. वहीं, इस चुनाव में 6 जनवरी को आचार संहिता लागू होने के बाद 6 जनवरी 2020 से 1 फरवरी 2020 तक 49 करोड़ रुपये मूल्य से ज्यादा की श’राब, न’शीले प’दार्थ और कीमती धातुएं जब्त करी जा चुकी हैं.


वहीं आपको बता दें कि पुलिस और आ’यकर विभाग ने 9 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी जब्त की है. साथ ही 1 करोड़ 91 लाख रुपये मूल्य की 72 हजार श’राब भी ज’ब्त की गई है. वहीं 5 करोड़ 4 लाख रुपये मूल्य का 160.96 किलोग्राम मा’दक पदार्थ बरामद किया गया है. इसके साथ ही 31 करोड़ रुपये मू’ल्य के सोना, चांदी और अन्य आभूषण भी बरामद किए गए है. चुनाव के दौरान अवैध सामग्री को पकड़ने के अभियान से जुड़े एक अधिकारी ने बताया है कि चुनाव में मांग के अनुरूप न’शीले प’दार्थों की अ’वैध आपूर्ति करवाई जाती है।