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दिल्ली ब’वाल के पीछे कौन?

साउथ दिल्ली के न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान जमकर हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ मची हुई है. इस बवाल के बाद से ही दिल्ली पुलिस जामिया यूनिवर्सिटी में घुस गई है और छात्रों ने आरोप लगाया था कि उनकी बहुत पि’टाई की गई है.जिसके बाद हिं’सा और छात्रों पर पुलिस की ज्यादती के मुद्दे पर सियासत भी गरमा गई. बीजेपी ने हिं’सा और प्रद’र्शन को दिल्ली में दंगा भड़काने की बड़ी साजिश बताया तो वहीं सीएम अरविंद केजरीवाल ने इस सब का जिम्मेदार बीजेपी को ठहराया.कहा कि चुनाव में हार के डर से दिल्ली में आग लगवा रही है मोदी सरकार. कांग्रेस, बीएसपी, एसपी जैसे तमाम विपक्षी दलों ने जामिया के छात्रों पर पुलिस ऐक्शन की निंदा करते हुए केंद्र और बीजेपी पर देशभर में छात्रों के बर्ब’रता का आरोप लगाया है.

जामिया के छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई से विपक्षी दलों में बहुत आक्रोश है. जिसके विरोध छात्रों ने दिल्ली पुलिस हेड’क्वॉर्टर के बाहर रातभर प्रदर्शन किया इस प्रदर्शन में डी. राजा जैसे लेफ्ट के कुछ नेता भी मौजूद थे.वहीं विपक्षी कांग्रेस ने तो मोदी सरकार पर नौजवानों और छात्रों का ब’र्बरता से दमन का आरोप लगाया है. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने ट्वीट कर कें’द्र सरकार पर हमला करते हुए ट्वीट कहा कि देश के विश्वविद्यालयों में घुस घुस’कर विद्यार्थियों को पीटा जा रहा है. जिस समय सरकार को आगे बढ़कर लोगों की बात सुननी चाहिए, उस समय भाजपा सरकार उत्तर पूर्व, उत्तर प्रदेश, दिल्ली में विद्यार्थियों और पत्रकारों पर दमन के जरिए अपनी मौजूदगी दर्ज करा रही है. ये सरकार कायर है।’

साथ ही कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा, ‘नौजवानों पर बर्ब’रतापूर्वक हमले हो रहे हैं. जेएनयू, हैदराबाद, वाराणसी, इलाहाबाद, अलीगढ़ के बाद अब जामिया. यहां के छात्रों पर बर्बर हमले की निंदा करते हैं. लाइब्रेरी में घुसकर आंसू गैस और यहां तक कि गो’लियां भी चलाई गई.’ खेड़ा ने आगे कहा, ‘जापान के प्रधानमंत्री इसी वजह से भारत नहीं आ पा रहे हैं. बांगलादेश के विदेश मंत्री नहीं आ रहे है . हमारे अपने ही देश के गृहमंत्री पूर्वोत्तर में नहीं जा पाए रहे है.जिसके बाद पीएम अभी भी चुप्पी साधे हुए हैं और केवल चुनावी प्रचार में ही व्यस्त हैं।’

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