Categories
धार्मिक

अगर आपकी किस्मत भी नहीं दे रही आपका साथ, तो अगले 30 दिनों में कर लें ये 8 काम…

हिंदी धार्मिक खबर

खीर का भोग

जैसा कि हमने आपको बताया कि पुरूषोत्तम मास में भगवान विष्णु की भक्ति की जाती है। लिहाजा इस महीने में श्री हरि के पसंदीदा चीजों का भोग लगाया जाता है। मालूम हो कि खीर भगवान विष्णु का सबसे पसंदीदा भोज्य पदार्थ है। ऐसे में पुरूषोत्तम मास की दोनों एकादशी को भगवान विष्णु को खीर का भोग अवश्य लगाएं। ध्यान रहे भोग लगाते वक्त तुलसी के पत्तों का जरूर प्रयोग करें।

इन वस्तुओं का करें दान

श्रीहरि का दूसरा नाम पीताम्बर भी है, चूंकि भगवान को पीले कपड़े काफी पसंद हैं, इसलिए उनका नाम पीताम्बर पड़ा है। लिहाजा पुरूषोत्तम मास में पीले वस्त्र, पीले रंग के अनाज और फल भगवान विष्णु को चढ़ाएं और फिर इसका दान करें या फिर किसी मंदिर में देकर आएं।

तुलसी पूजन

श्री हरि के सबसे पसंदीदा चीजों में से एक तुलसी है। खर मास में तुलसी पूजन अवश्य करें। रोजाना तुलसी के पौधे के सामने गाय के घी का दीपक जलाएं, साथ ही ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय नमः का जाप भी करें।  इस मंत्र का जाप करते हुए तुलसी के पौधे की 11 बार परिक्रमा करें। माना जाता है कि ऐसा करने से घर के सभी दुखों का नाश होता है और घर में सुख शांति आती है।

इस तरीके से करें भगवान विष्णु का अभिषेक


पुरूषोत्तम मास में हर रोज ब्रह्ममुहुर्त में उठकर भगवान विष्णु का केसरयुक्त दूध से अभिषेक करें, साथ ही तुलसी की माला से 11 बार ऊं नमो भगवते वासुदेवाय नमः का जाप जरूर करें। ऐसा करने से भगवान विष्णु का आशीर्वाद मिलता है।

पीपल के पेड़ की पूजा

हिंदू धर्म में पीपल के पेड़ का विशेष महत्व है। माना जाता है कि पीपल के पेड़ पर स्वयं भगवान विष्णु का वास होता है, इसलिए मलमास में रोजाना पीपल के पेड़ की जड़ में जल अर्पित करना चाहिए। साथ ही गाय के घी का एक दीपक भी जलाना चाहिए, इससे भगवान विष्णु का सदैव आशीर्वाद बना रहता है।

ऐसी पूरी होंगी मनोकामनाएं

खर मास या कहें पुरूषोत्तम मास में रोजाना सूर्योदय से पहले उठें और नित्यकर्म करने के बाद उगते हुए सूरज को जल जरूर अर्पित करें। जल अर्पित करने के समय ऊं नमो भगवते वासुदेवाय नमः मंत्र का जाप करें और पीले पुष्प चढ़ाएं। ऐसा करने से आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी होंगी और भगवान विष्णु का आशीर्वाद बना रहेगा।

शंख की पूजा

मलमास के दौरान रोजाना दक्षिणावर्ती शंख की अवश्य पूजा करनी चाहिए। पुरूषोत्तम मास में दक्षिणावर्ती शंख की पूजा करने से न सिर्फ भगवान विष्णु बल्कि माता लक्ष्मी का भी आशीर्वाद मिलता है। इसके अलाव सुबह पूजा करते वक्त भागवत कथा का पाठ जरूर करें।

कन्या भोजन

अगर आप नौकरी-पेशा से जुड़े हुए हैं और आपको अपने कार्यक्षेत्र में प्रमोशन चाहिए, तो पुरूषोत्तम मास की नवमी तिथि को कन्याओं को भोज जरूर कराएं। इससे भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी प्रसन्न होकर आशीर्वाद देती हैं। कन्या भोज कराने से आपको हर क्षेत्र में उन्नति और प्रगति मिलेगी।