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CORONAVIRUS: क्या है ‘लॉकडाउन’ और ‘सील’ में अंतर?

देश में कोरोना वायरस के मामलों तेजी से बढ़ रहे है. आपको बता दें कि अब तक मरीजों की संख्या पांच हजार के पार पहुंच चुकी है. अब तक देश में इसके 5734 केस सामने आ चुके हैं. वहीं 166 लोगों की इससे मौत हो चुकी है. साथ ही बता दें कि 401 लोग इलाज के बाद रिकवर भी हो चुके हैं. आपको बता दें कि देश में सबसे ज्यादा मामले महाराष्ट्र से सामने आ रहे हैं. अब तक महाराष्ट्र में इस वायरस के 1018 पॉजिटिव केस सामने आ चुके हैं. वहीं 64 लोगों की मौत हो चुकी है.

राजधानी दिल्ली में कोरोना के अब तक 576 और तमिलनाडु में 690 पॉजिटिव केस सामने आ चुके हैं. आपको बता दें कि दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने 20 जगहों को हॉटस्पॉट के रूप में चिन्हित किया तो वहीं बात करें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तो उन्होंने 15 जिलों के कई जगहों को कोरोना हॉटस्पॉट के रूप में चिन्हित किया है.

क्या होता है हॉटस्पॉट?

मुख्यमंत्रियों के इस कदम के बाद लोगों के बीच ‘लॉकडाउन’ और ‘हॉटस्पॉट’ को लेकर मन में भ्रम की स्थिति बनी हुई है. ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि ‘लॉकडाउन’ और ‘हॉटस्पॉट’ में क्या अंतर है. आपको बता दें कि सरकार के मुताबिक हॉटस्पॉट का मतलब है कि जिन इलाकों में संक्रमित मरीजों की संख्या बहुत तेजी से बढ़े हैं या वहां अधिक संख्या में मरीज पाए गए हैं.

क्या होता है ‘लॉकडाउन’ और ‘सील’ में अंतर?

वहीं लॉकडाउन में इसेंसियल सर्विस खोलने की छूट दी गई है. जरूरी सामान खरीदने के लिए लोग घरों से बाहर निकल सकते हैं लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखें. वहीं, सरकार ने जिन इलाकों को हॉटस्पॉट के रूप में चिन्हित कर सील किया है उसके मुताबिक यहां इसेंसियल सर्विस के तहत आने वाले दुकानों को भी सील कर दिया गया है. जरूरी सामान खरीदने के लिए भी लोगों को घरों से बाहर न निकलने की बात कही गई है. आपको बता दें कि सील इलाकों में प्रशासन की ओर से मदद मुहैया करवाई जा रही है. प्रशासन जरूरी सामानों की होम डिलिवरी शुरू कर दी है. सरकार के कर्मचारी दरवाजे तक पहुंच-पहुंच कर जरूरी सामान दे रहे हैं।