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DMK के वरिष्ठ नेता का अचानक हुआ निधन, राजनीतिक गालियारों में पसरा मातम

ऐसा लग रहा है कि ये साल राजनीतिक गालियारों के लिए कुछ खास अच्छा साबित नहीं हो रहा है क्योंकि अभी 2020 की शुरूआत के तीसरे महीना ही हुआ है और रोज किसी न किसी बड़े नेता के निधन की खबर आ रही है. आज भी एक नेता का निधन हो गया जिससे राजनीतिक जगत में दुःख छाया हुआ हैं. आइए आपको बताते हैं उस नेता का नाम जिसने आज दुनिया को अलविदा कह दिया है.

आपको बता दें कि DMK के वरिष्ठ नेता अंभाजगन का शनिवार रात को निधन हो गया. इस सब को लेकर मुनेत्र कड़गम DMK के प्रमुख एमके स्टालिन ने कहा कि, अंभाजगन का निधन हो गया है. वो 98 वर्ष के थे. आपको बता दें कि अंभाजगन वरिष्ठतम डीएमके नेता और दिवंगत पार्टी के संरक्षक एम करुणानिधि के करीबी मित्र थे. बताते चलें कि बीमारियों के कारण वो कुछ समय से ठीक नहीं चल रहे थे. जानकारी के मुताबिक 24 फरवरी को अंभाजगन को अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था. बाद में उनका स्वास्थ्य ज्यादा बिगड़ने लगा था.

आपको बता दें कि अंभाजगन नौ बार के विधायक रहें और 43 वर्षों तक पार्टी के महासचिव रहे. बताते चलें कि अपनी बीमारी के कारण कुछ समय से सक्रिय राजनीति से दूर रहे थे. वहीं स्टालिन ने एक बयान में कहा है कि अंभाजगन का निधन 1 बजे हुआ और पार्टी के झंडे सात दिनों तक आधे झुके रहेंगे. उन्होंने ये भी कहा द्रमुक के सभी कार्यक्रमों को एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया गया है।

जानकारी के मुताबिक आपको बता दें कि अंभाजगन को ‘पेरसीरियार’ (प्रोफेसर) के रूप में जाना जाता था. अंभाजगन ने तमिलनाडु के वित्त मंत्री और लोक कल्याण मंत्री के रूप में कार्य किया था. बता दें कि स्टालिन डीएमके नेता से मिलने भी गए थे जब वो अस्पताल में भर्ती थे. उनके निधन के बाद, अंभाजगन को शहर में उनके निवास पर ले जाया गया है।