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ब्रह्मो’स सुपर”सोनि”क क्रूज मिसा’इल का सफल परी’क्षण, पीएम मोदी ने दी DRDO को बधाई…

हिंदी खबर

भारत ने ओडिशा स्थित एक प्रक्षे’पण स्थल से ब्र’ह्मो”स सुप’रसो’निक क्रूज मिसा”इल (BrahMos Supersonic Cruise Missile) का सफ”ल प्रायो”गिक परीक्ष”ण किया। जिसके बाद प्र”धान”मंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय रक्षा अनु’संधान को इस उ”पल’ब्धि पर बधाई दी। 

पीएम मोदी से पहले गृह मंत्री ने कहा कि, ”स्वदेशी रूप से विक’सित रेंज ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के स”फलता”पूर्वक परीक्षण के लिए भारत को DRDO पर बेहद गर्व है। यह अत्या”धुनि”क हथियार भारत की र”क्षा ” का प्र”माण है और पीएम नरेंद्र “मोदी के आत्म’निर्भर के प्रति संकल्प।” 

डीआरडीओ ने किया ब्र”ह्मोस का सफ””ल परीक्षण 

बता दें, इस मिसाइल की मारक क्षमता 400 किलोमीटर से ज्यादा है। के सूत्रों ने बताया कि यहां पास में चांदीपुर स्थि’त एकी”कृत परीक्षण केंद्र (ITR) से अत्याधु”निक मिसा”इल का प्रक्षेपण किया गया जो सफल रहा।

DRDO के एक अधि”कारी ने कहा, मिसाइल को समु”द्र, ज”मीन और ल”ड़ाकू वि’मानों से भी दागा जा सकता है। मिसा”इल के पहले विस्तारित संस्करण का सफल परीक्षण 11 मार्च 2017 को किया गया था, जिस”की मारक क्षमता 450 किलो”मीटर थी। 30 सितंबर 2019 को चांदी”पुर स्थित ITR से कम दूरी की मारक क्षम’ता वाली ब्रह्मो”स मिसा”इल के जमी”नी संस्”क”रण का सफल परीक्षण किया गया था।

DRDO और रूस के प्रमुख एरो”स्पेस उप”क्रम एन”पीओ”एम द्वारा संयु”क्त रूप से विकसित ब्राह्मोस मि”साइल ” मध्यम रेंज की रेमजेट सुपर’सोनिक क्रूज” मिसा”इल है, जिसे पनडुब्बियों, युद्धपोतों, लड़ाकू विमानों तथा जमीन से दागा जा सकता है। सूत्रों ने बता”या है कि यह मिसाइल पहले से ही भा”रतीय थलसेना, नौसेना और वायु”सेना के पास है। इसे दुनिया की सबसे तेज सुपर”सोनि”क क्रूज मिसा”इल माना जाता है।