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फिक्की ने सरकार को दिया सुझाव कि लॉकडाउन खुलना चाहिए या नहीं ?

देश में कोरोना वायरस के मामलों तेजी से बढ़ रहे है. आपको बता दें कि अब तक मरीजों की संख्या पांच हजार के पार पहुंच चुकी है. अब तक देश में इसके 6412 केस सामने आ चुके हैं. वहीं 199 लोगों की इससे मौत हो चुकी है. साथ ही बता दें कि 450 लोग इलाज के बाद रिकवर भी हो चुके हैं.

ऐसे में सबके बड़ा सवाल है कि कोरोना के कारण पूरे देश में कब तक लॉकडाउन जारी रहेगा? 21 दिन का संपूर्ण लॉकडाउन चार दिन बाद पूरा हो जाएगा. इससे पहले फिक्की ने सरकार से लॉकडाउन को धीरे-धीरे खोलने की अपील की है. फिक्की ने कहा कि आईटी और स्कूलों को अभी बंद रखा जाना चाहिए.

अब इसको लेकर फिक्की ने केंद्र सरकार से सिफारिश कि लॉकडाउन को देश में धीरे-धीरे खोला जाए. मजदूरों को 15 अप्रैल से काम पर बुलाना चाहिए. मजदूरों को काम पर आने के लिए प्रेरित किया जाए. कोरोना फ्री जिलों में लॉकडाउन हटाने की शुरुआत हो. फिक्की ने रिटेल स्टोर्स को आंशिक तौर पर खोलने की भी सिफारिश की है. ई-कॉमर्स और घरेलू उड़ानों को भी आंशिक तौर पर अनुमति देने की अपील की गई है.

फिक्की ने कहा कि आम सड़क परिवहन को नियमों के साथ अनुमति दी जाए. फिक्की ने रेलवे को आंशिक तौर पर शुरू करने का अहम प्रस्ताव दिया है. फिक्की ने कहा कि आईटी और स्कूलों में लॉकडाउन जारी रखा जाना चाहिए. साथ ही देश के बड़े-छोटे होटल्स में भी लॉकडाउन जारी रखा जाए. अपनी सिफारिश में फिक्की ने आगे कहा कि पूरे देश में सामानों की आवाजाही को मंजूरी मिले.

बेहद जरूरी सामानों की सप्लाई के लिए सेना की मदद ली जाए. कोरोना फ्री जिलों में उत्पादन और डिस्ट्रीब्यूशन शुरू हो. शुरू में 22 से 39 साल के स्वस्थ लोग काम करें. बुजुर्ग-बीमारों को स्वस्थ कर्मचारियों से दूर रखें. साथ ही फिक्की ने कहा कि कंपनियों में कर्मचारियों की स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ें. साथ ही प्रभावित जोन को हाई, मीडियम और लो रिस्क में बांटा जाए. मास्क का बड़े पैमाने पर उत्पादन और वितरण हो. शक के घरे में आने वालों का कोविड-19 टेस्ट हो.