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जानिए देश में हुए लॉकडाउन से हर दिन कितना हो रहा है आर्थिक मोर्चे पर नुकसान

21 दिनों के लॉकडाउन ख़त्म हेने के आखिरी दिन पीएम मोदी ने देश को संबोधित करते हुए ऐलान किया कि लॉकडाउन 3 मई तक लागू रहेगा. उन्होंने कहा कि भारत ने सभी समय पर लॉकडाउन का ऐलान किया जिस कारण भारत की स्थिति कई दुसरे देशों के मुकाबले काफी बेहतर है. लेकिन लड़ाई अभी ख़त्म नहीं हुई है. अभी और सतर्क रहने की जरूरत है इसलिए लॉकडाउन को 3 मई तक बढाया जा रहा है.

आर्थिक दृष्टि से महंगा पर भारतवासियों की जान ज्यादा कीमती-पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि आर्थिक दृष्टि से देखें तो ये लॉकडाउन महंगा जरूर लगता है और इसकी बहुत बड़ी कीमत भारत को चुकानी पड़ी है लेकिन भारतवासियों की जान और उनके जीवन के आगे इसकी कोई तुलना नहीं हो सकती है.

आर्थिक नजरिए से कितना महंगा लॉकडाउन
ऐसे में ये जानना जरूरी हो जाता है कि आर्थिक दृष्टि से भारत के लिए ये 21 दिनों का लॉकडाउन आज खत्म हो चुका है और इतनी ही अवधि में देश को करीब 8 लाख करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान हो चुका है. आपको बता दें कि न्यूज एजेंसी प्रेस ट्र्स्ट ऑफ इंडिया ने ये अनुमान लगाया था कि लॉकडाउन की वजह से भारतीय इकोनॉमी को हर दिन करीब 35 हजार करोड़ रुपये का नुकसान होगा. इस रिपोर्ट में साफ तौर पर कहा गया है कि देशभर में पूरी तरह लॉकडाउन से भारतीय अर्थव्यवस्था को कुल मिलाकर 7-8 लाख करोड़ रुपये का झटका लग सकता है.

क्यों हो रहा है नुकसान
देश में आर्थिक गतिविधियां लगभग पूरी तरह ठप हैं. रेल, बस, हवाई, लोकल यातायात पूरी तरह बंद हैं. औद्योगिक गतिविधियां पूरी तरह रुकी हुई हैं, राजस्व सेवाओं पर लगाम लगी हुई है. कुल मिलाकर सिर्फ कुछ जरूरी सेवाओं के लिए ही लॉकडाउन में छूट दी गई हैं लेकिन इनके दम पर अर्थव्यवस्था को ज्यादा मदद नहीं मिल पा रही है.

आर्थिक मोर्चे पर रेटिंग एजेंसिया-आर्थिक संस्थान दे रहे हैं गिरावट का अनुमान
वर्ल्ड बैंक ने अनुमान दिया है कि भारत की आर्थिक विकास दर पर कोरोना वायरस के कारण आए आर्थिक संकट का भारी असर होगा. इसके असर से 2020-21 में भारत की आर्थिक विकास दर घटकर 2.8 फीसदी तक नीचे आ सकती है।