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हाथ’रस में हुई घ’टना के बाद पवन ज’ल्ला’द ने कह दी इतनी बड़ी बात 😮जा’ने आप भी 👇

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लख’नऊ में हाथ’रस की पी’ड़ि’ता की दुनि’या से जा’ने के बाद से ही पूरे प्र’देश साथ पूरे देश में आज जनता का आरो:पि’यों के प्रति प्रदर्श:न जारी है। पी’ड़ि’ता की दुनि’या से जाने के बा’द यू’पी सर:का’र और यू’पी पु’लि’स का ऐसा चेहरा देखने को भी हमें मि’ला है।यूपी पु’लि”स के कार:ण बेटी के श:व को दे’खने के लिए भी परि’जन रोते चिल्’ला’ते रहे लेकिन बे’द’र्द पु’लि’स को उन पर जरा सा भी तरस नहीं आया। मा’नव’ता की सा’री ह’दें पार करते हुए पुलि,सक’र्मि’यों ने रात 2:45 पर उस’का स्वयं ही अंतिम संस्’का’र कर दिया और अं’तिम सं’स्का’र भी इस रवै’या से किया गया कि जैसे किसी को कूड़े कर’कट की भां’ति ज’लाया जाता है।

यूपी स”र’का’र और यू’पी पु’लि’स के इस रवैए पर देश भर में ‘ है। हाथर’स की पी’ड़ि’ता के संग हुई इस द’रिं’द’गी की दा’स्’तां निर्भ’या के दोषियों को पर लट’काने वाले पवन जल्’ला’द के कान तक भी पहुं’च गई है । पीड़ि’ता का हाल सुनकर पवन ज’ल्ला’द ना’रा’ज हुए हैं।गुस्”’सा इतना कि पवन हाथ की बां’हें बुलाते हुए कहते हैं कि अब भी इन हा’थों में बहुत जान है। ऊपर वाले ने चाहा तो इन चारों को भी अं’जाम तक पहुंचा लूंगा मौ’का मिले तो मैं आज ही इनके लिए फं’दा तै’या’र कर सकता हूं। पवन ज’ल्ला”द ने यह भी कहा कि वह उस पीड़ि,’ता के परि’वा’र के साथ हैं और उनसे जो कुछ भी बन पड़ेगा वह क’रें’गे।.

पवन ज”ल्ला’द ने आगे कहा कि मैं जब नि”र्भ’या के दो’षि’यों को स’जा दे रहा था तो मुझे एह’सास था कि पूरा देश देख रहा है। जो खुरा’फा’ती युवा है वह भी देख सुन रहे होंगे शायद इसे देखने के बाद आप कोई और युवा ऐसे कां’ड को अं’जाम नहीं देगा।लेकिन जब मैंने हाथ’रस केस की पीड़ि’ता की खब’र सुनी तो एह’सास हुआ कि ऐसे लोग कभी नहीं सुधरेंगे। क्योंकि उन्हें शायद इस सब से कोई फर्क ही नहीं पड़ता। पवन जल्”लाद ने अपनी पीड़ा जा’हि’र करते हुए कहा कि नि’र्भया केस को मैंने बारी’की से देखा है कि कैसे एक एक पल के लिए खींच खींच कर लंबा किया गया।

दोषि”यों को रा’हत पहुं’चाने की को”शि’श की गई लेकिन अब मेरा स”रका’र और पु”लि,स प्रशा’सन से अनु’रोध है कि आज के’स को फा’स्ट ट्रै’क ‘कोर्ट में चलाएं। ज्यादा से ज्यादा 6 महीने हाई’कोर्ट और सु’प्री’म को’र्ट में सुन’वाई पूरी कर आ’रो’पि’यों को स’जा और मु’झे फां’सी देने का मौ’का मिले।

जिससे बुरा करने वालों को फांसी देकर मुझे भी सुकून मिले मैं चाहता हूं कि हाथरस की पीड़िता को इंसाफ मिले तथा उसके दोषियों उनके किये गए का परिणाम भी मिल जाए।