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स्कूल, कॉलेज के खोलने को लेकर शिक्षा मंत्री ने सुनाया बड़ा फैसला, बोले- ‘इस दिन…’

पूरी दुनिया में कोरोना वायरस का खतरा बना हुआ हैं. सबसे ताकतवर देश भी इस वायरस का कोई इलाज खोज नहीं पा रहे है. अधिकतर सभी देश लॉकडाउन हो चुके हैं. भारत में भी कोरोना वायरस के मामले दिन पर दिन बढ़ते ही जा रहे है. आपको बता दें कि अब तक भारत में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 3378 हो चुकी है. देश में 21 दिनों के लिये लागू लॉकडाउन 14 अप्रैल को समाप्त हो जाएगा. इसी विषय में आज बात करते हुए मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ने स्कूल, कॉलेज के खोलने को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है.

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने आज कहा कि देश में कोरोना वायरस संकट पर स्थिति की 14 अप्रैल को समीक्षा की जाएगी. इसके बाद ही सरकार स्कूल, कॉलेज फिर से खोलने पर कोई निर्णय लेगी. एचआरडी मंत्री ने कहा कि छात्रों और अध्यापकों की सुरक्षा सरकार के लिये सर्वोपरि है. वहीं उनका कहना है कि मंत्रालय यह सुनिश्चित करने के लिये तैयार है कि यदि स्कूल, कॉलेजों को 14 अप्रैल के बाद भी बंद रखने की जरूरत पड़ी तो छात्रों को पढ़ाई-लिखाई का कोई नुकसान नहीं हो.

14 अप्रैल को लॉकडाउन समाप्त होने पर उनके मंत्रालय की योजना के बारे में पूछे जाने पर पोखरियाल ने कहा कि इस वक्त कोई फैसला लेना मुश्किल है. हम 14 अप्रैल को स्थिति की समीक्षा करेंगे और परिस्थितियों के मुताबिक इस बारे में फैसला लिया जाएगा. स्कूल, कॉलेजों को फिर से खोले जाना या नहीं इसका फ़ैसला तभी लिया जाएगा. निशंक ने कहा कि देश में 34 करोड़ छात्र हैं जो अमेरिकी की आबादी से अधिक है. वे हमारी सबसे बड़ी संपत्ति हैं. छात्रों एवं अध्यापकों की सुरक्षा सरकार के लिये सर्वोपरि है.

एचआरडी मंत्री ने कहा है कि फिलहाल विभिन्न सरकारी प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हुए कक्षाएं ऑनलाइन संचालित की जा रही है. निशंक ने आगे कहा कि मैं लॉकडाउन के दौरान स्कूल, कॉलेज द्वारा अनुपालन की जा रही कार्य योजना की नियमित रूप से समीक्षा कर रहा हूं. स्थिति में सुधार आने पर और लॉकडाउन खत्म होने पर लंबित परीक्षाएं संचालित करने तथा उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करने के लिये पहले से ही एक योजना तैयार है.