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इस वजह से ICMR ने रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट पर लगाई 2 दिन की रोक

कोरोना वायरस की जांच के लिए राज्य सरकार केंद्र सरकार से लंबे समय से रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट किट की मांग की जा रही थी. आपको बता दें कि अब इस को लेकर केंद्र सरकार ने राज्यों को किट्स भेजना शुरू कर दिया है तो कुछ जगह इस पर सवाल भी उठने लगे हैं. जानकारी के लिए बता दें कि पश्चिम बंगाल ने किट्स को डिफेक्टिव बताया है.

वहीं अब राजस्थान सरकार ने कहा है कि इस टेस्ट के नतीजे सटीक नहीं आ रहे हैं. ये कहते हुए राजस्थान ने टेस्टिंग पर रोक लगा दी है. इस तरह रैपिड टेस्ट किट की विश्वसनीयता को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है. ICMR ने भी इन शिकायतों पर संज्ञान लिया है और दो दिन तक रैपिड टेस्टिंग पर रोक लगा दी है.

राजस्थान सरकार का कहना है कि सवाई मानसिंह अस्पताल में भर्ती कोरोना के 100 मरीजों पर इस किट के जरिये टेस्ट किये गये जिसमें से पांच का रिजल्ट ही पॉजिटिव आया. राज्य के स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने बताया कि हमारी तरफ से कोई प्रक्रियागत चूक नहीं की गई है और किट्स को सही टेंपरेचर में रखा गया है, इसके बावजूद गलत रिजल्ट आ रहे हैं. रघु शर्मा ने बताया कि हमने फिलहाल टेस्टिंग रोक दी है और ICMR को इसकी जानकारी दे दी है.

ICMR के डॉक्टर रमन गंगाखेडकर ने बताया था कि उन्हें बंगाल से टेस्टिंग किट्स के सही ढंग से काम नहीं करने की सूचना मिली है. उन्होंने बताया कि ये किट्स अमेरिका के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) से अप्रूव हैं और इनका स्टैंडर्ड काफी अच्छा है. डॉ. रमन ने बताया कि इन किट्स को 20 डिग्री तापमान से नीचे वाली जगह में रखने की जरूरत है, नहीं तो इसके रिजल्ट गलत भी आ सकते हैं.

टेम्परेचर को लेकर राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट कहा है कि उन्होंने किट्स से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं का सही तरह से पालन किया है. वहीं ICMR के डॉ. रमन गंगाखेडकर ने बताया कि वो इन शिकायतों को नजरअंदाज नहीं कर रहे हैं. इसके लिये टीमें भेजी जायेंगी जो किट्स को चेक करेंगी, लिहाजा दो दिन तक रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट पर रोक लगाने का फैसला लिया गया है.