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बुरी खबर-समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में हार्वेस्टर से कटी धान फेल: किसानों का 29 करोड़ का पेमेंट रूका

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कटनी. अफसरों की मनमानी कहें या समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए नियम बनाने के दौरान जमीनी हकी’कत की अनदेखी। कारण चाहे जो भी हो सम’र्थन मूल्य पर धान खरीदी में उन किसानों की प’रेशा’नी बढ़ गई है, जिन्होंने फसल की क’टाई में हा’र्वेस्टर का उपयोग किया। दरअसल, हार्वे’स्टर से कटी धान में चावल की मात्रा आ रही है, जिसे सरकारी मानकों के अनुसार बाह्य तत्व (फॉरेन मैटर) की श्रेणी में रखा गया। धान खरीदी के दौरान गुणवत्ता बनाए रखने के लिए फॉरेन मैटर एक प्रतिशत से अधिक नहीं होने का प्रावधान है। अब हार्वे”स्टर से कटी फसल में फॉ’रेन मैटर दो से तीन प्रतिशत निकलने के बाद धान के नमूने फेल हो रहे हैं। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए खोले गए कें’द्र में खरीदी प्रभारी तो पूरी सावधानी और गुणवत्ता मानकों को ध्यान में रखकर कि’सा’नों से धान खरीदते हैं, लेकिन इसी धान को गोदाम में जमा किए जाने के दौरान सर्वेयर द्वारा फेल कर दिया जा रहा है। और इसका भी नुकसान किसानों को हो रहा है।

किसान तो अपनी मेहनत की कमाई धान खरीदी केंद्र में दे चुके होते हैं, लेकिन गोदाम से ट्रक वापस लौटने के कारण किसान द्वारा धान की बिक्री सर”कारी रि’कॉर्ड में दर्ज नहीं हो पाती और भुगतान रूक जा रहा। अकेले कटनी जिले में ऐसे 13 ट्रक गोदाम से लौटाए गए हैं और किसानों का 3 हजार 9 सौ क्विं’टल धान जमा नहीं हुआ। इधर, फॉ’रेन मैटर के कारण गोदाम में धान जमा करने के दौरान धान खरीदी केंद्र प्रभारी और गुणवत्ता परी’क्षक सर्वे’यर के बीच आए दिन विवाद की स्थिति भी नि’र्मित हो रही है। धान में फॉ’रेट मैटर को लेकर जिला आपूर्ति अधिकारी पीके श्रीवा’स्त’व बताते हैं कि हार्वेस्टर से कटी धान में यह सम’स्या आ रही है। शासन से तय गाइडलाइन में एक प्रतिशत से अधिक फॉरेन मैटर नहीं होना चाहिए। जिले में उत्पन्न हुई स्थिति से शासन को अवगत कराया गया है। पत्र भेजा गया है।

3273 किसानों का 29 करोड़ रूपये का भुगतान बकाया जिले में धान बेचने वाले किसानों को समय पर भुग’तान नहीं मिलने की समस्या का सामना करना पड़ा है। 16 नवंबर से धान खरीदी प्रारंभ होने के बाद अब तक जिलेभर में 3 हजार 396 किसानों ने 1 लाख 75 क्विंटल धान बेची है। इसमें अब तक 123 किसानों को 32 लाख रूपये का ही भुग’तान हुआ है। शेष 3 हजार 273 कि’सा’नों को 29 करोड़ रूपये से ज्यादा का भु’ग’ता’न शेष है।