Categories
Other

कल्पना चावला से जुड़ा ये बड़ा खुलासा, जानकर आप हो जाएंगे हैरान

कल्पना चावला से जुड़ा ये बड़ा खुलासा, जानकर आप भी हिल जाएंगे. दोस्तों भारत की महान बेटी-कल्पना चावला का जन्म 17 मार्च् सन् 1962 करनाल, हरियाणा में हुआ था. उनके पिता का नाम श्री बनारसी लाल चावला और माता का नाम संजयोती देवी था. देश की वो पहली महिला जिसने अंतरिक्ष को छुआ था और अपने इसी कारनामे से वो आज करोड़ों महिलाओं की प्रेरणा बन गई हैं, वो कोई और नहीं बल्कि भारत देश की बहादुर बेटी कल्पना चावला हैं. ये वही कल्पना चावला हैं जिसे आज भी याद करके हर भारतीय का सीना चौड़ा हो जाता है। कल्पना चावला का 14 साल पहले अंतरिक्ष में हुए हादसे पर बड़ा खुलासा हुआ है. कल्पना चावला की मौत से जुड़ा ये बड़ा राज अब दुनिया के सामने आ गया है.

आपको बता दें दोस्तों कि जिस दिन कल्पना चावला ने अपनी अंतरिक्ष उड़ान भरी थी, उसी दिन उनकी मौत भी तय हो गयी थी..सिर्फ कल्पना ही नहीं बल्कि उनके साथ गए 7 अन्य अंतरिक्ष यात्रियों के अंत का अलार्म भी डिस्कवरी यान के साथ बज चुका था.

जहां अंतिरक्ष दौरे के दौरान ये लोग 16 दिनों तक मौत के साये में रहे, जिसकी पल-पल की जानकारी नासा स्पेस सेन्टर को देते रहे लेकिन नासा ने सब कुछ जानते हुए भी उन्हें ये नहीं बताया की वहां से वापस आना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है..

अब इसका खुलासा मिशन कोलंबिया के प्रोग्राम मैनेजर वेल ने किया है.

वेल ने कहा कि कोलंबिया स्पेस शटल के उड़ान भरते ही पता चल गया था कि ये सुरक्षित जमीन पर नहीं लौट पाएगा.बाद में जब उनसे इस बारे में पूछा गया कि आखिर घटना के 10 साल बाद ये खुलासा आपने क्यों किया ?

दोस्तों जब उनसे इस बारे में पूछा गया कि आखिर घटना के 10 साल बाद ये खुलासा क्यों किया गया ? तो उन्होंने बताया कि नासा के वैज्ञानिक दल नहीं चाहते थे कि मिशन पर गये अंतरिक्ष यात्री हर पल अपनी जिंदगी घुटघुट कर जिन्दा रहे.. इसलिए उन्होंने इस बारे में कोई भी जानकारी अंतरिक्ष यात्रियों को नहीं दी. अपनी दलील में उन्होंने आगे कहा कि कल्पना समेत उन 7 यात्रियों को इस बारे में बता दिया गया होता तो वो आक्सीजन खत्म होने तक स्पेस के चक्कर काट सकते थे लेकिन आक्सीजन खत्म होने के बाद उन्हें मरना ही पड़ता.

ये खुलासा इतना खौफनाक है कि अब तक लोगों को इसपर विश्वास नहीं हो पाया है. लेकिन सच्चाई यही है कि अंतरिक्ष में जाने वाली भारतीय मूल की पहली महिला कल्पना की मौत उसके सफर के साथ ही तय हो गई थी.

1 फरवरी 2003, ये वो तारीख थी दोस्तों जब देश ने अपनी बेटी कल्पना चावला को हमेशा के लिए खो दिया था। 16 जनवरी को कोलंबिया सात मेधावी वैज्ञानिकों के साथ रवाना हुआ था, लेकिन कैसे 15 दिन बाद ये मिशन एक हादसे में बदल गया और देश की ये बहादुर बेटी जो हमेशा से ही सितारों को छूना चाहती थी, वो सितारों में ही बस गई और लोगों को पता भी नहीं चला. कल्पना चावला को जानने वाले बताते हैं कि वो बचपन से ही उड़ने का सपना देखती थी.

वो दिन इतिहास में हमेशा के लिए अमर हो गया. देश ने अपनी बेटी कल्पना चावला को हमेशा के लिए खो दिया था लेकिन इस दुर्भाग्यपूर्ण हादसे से महज एक दिन पहले कल्पना चावला ने भारतीय प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल से बात की थी.

कल्पना चावला बातचीत के दौरान बेहद खुश दिखाई दे रही थी. प्रधानमंत्री ने कल्पना चावला को बताया था कि सिर्फ उनका ही नहीं हर भारतीय का सीना आज उनकी (कल्पना) वजह से गर्व से चौड़ा है.

देखिए कल्पना चावला का आखिरी वीडियो

दुनिया में सभी लोगों को एक न एक दिन इस खूबसूरत जहां को अलविदा कहना होता है, मगर दुनिया में कुछ लोग सिर्फ जीने के लिए आते हैं, मौत महज उनके शरीर को खत्म करती है. ऐसे ही जांबाजों में से एक भारत की बहादुर बेटी कल्पना चावला थीं. भले ही 1 फरवरी 2003 को कोलंबिया स्पेस शटल के दुर्घटनाग्रस्त होने के साथ कल्‍पना की उड़ान रुक गई लेकिन आज भी वह दुनिया के लिए एक मिसाल है.

Leave a Reply

Your email address will not be published.