Categories
Entertainment News

कोविड-19:पुतिन ने किया बड़ा खुलासा! Korona वैक्सीन लगने के बाद बेटी का हुआ ये हाल…

कोरोना वैक्सीन खबर

मंगलवार के दिन रू’स के राष्टीय पति ने सोशल मीडिया पर इस बात का दावा किया है कि उनके देश ने को’रो’ना की दवा बना की है ! जैसे ही खबर सोशल मीडिया पर आई , लोगो में उम्मीद की किरण छा गयी है ! को’रो’ना का आतंक इस कदर फ़ैल रहा है कि पूरी दुनिया की स्तिथि बहुत भयानक हो रही है इसीलिए दुनिया के कई देशो में जल्द से जल्द इसकी दवा बनाने की दौड़  हुयी है !

बता दें की  रूस, अमेरिका और ब्रिटेन दवा कर चुके है कि इन्होने कोरोना की वैक्सीन बना ली है ! मंगलवार को राष्‍ट्रपति व्‍लादीमिर पुतिन ने ऐलान किया कि उनके देश ने दुनिया की पहली कोरोना वैक्‍सीन तैया कर ली है। इस वैक्‍सीन को रूस ने स्‍पूतनिक V नाम दिया है। अपनी सरकार के सदस्‍यों को वैक्‍सीन के बारे में जानकारी देते समय ही राष्‍ट्रपति ने बताया कि उनकी एक बेटी को पहले ही वैक्‍सीनेट किया जा चुका है। हालांकि उन्‍होंने यह बात भी बताई कि पहला इंजेक्शन देने के बाद उनकी बेटी को काफी तेज बुखार था।

बेटी को पहले शॉट में आया बुखार

अपनी पहली शादी से राष्‍ट्रपति पुतिन दो बेटियों 35 साल की मारिया और 34 साल की कटरीना के पिता हैं। मंगलवार को राष्‍ट्रपति पुतिन ने बताया कि जब उनकी बेटी को वैक्‍सीन दी गई तो पहले दिन उसे 100.4 डिग्री था बुखार था। बाद में यह गिरकर 98.6 डिग्री पर पहुंच गया। जब उसे वैक्‍सीन का दूसरा शॉट दिया गया तो भी तापमान में हल्‍का इजाफा हुआ लेकिन फिर यह सामान्‍य हो गया। पुतिन ने आगे कहा, ‘फिलहाल वह ठीक है और अब उसके पास एंटीबॉडीज हैं।’ पुतिन ने कहा, ‘अगर मैं यह कहूं कि मेरी बेटी प्रयोग का हिस्‍सा है तो गलत नहीं होगा।’

पुतिन की बड़ी बेटी हैं मेडिकल रिसर्चर

अभी तक हालांकि यह जानकारी सामने नहीं आई कि पुतिन की कौन सी बेटी को वैक्‍सीन दी गई है। लेकिन उनकी बड़ी मारिया एक मेडिकल रिसर्चर के तौर पर काम करती है। उन्‍होंने ड्वॉर्फिज्‍म यानी बौनेपन में विशेषज्ञता हासिल की है। जहां पूरी दुनिया इस वैक्‍सीन को लेकर कई प्रकार की आशंका जता रही है तो वहीं रूस के अधिकारियों ने इस पर अपने ही तरीके से जवाब दिया है। अधिकारियों का कहना है कि यह वैक्‍सीन इसलिए इतनी जल्‍दी तैयार कर ली गई क्‍योंकि यह पांच साल पहले इबोला वायरस के लिए तैयार की गई वैक्‍सीन की ही नकल है। लेकिन इस बात पर चिंता जताई जा रही कि क्‍या सही दिशा-निर्देशों का पालन किया गया है।