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कोरोना को देखते हुये राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उठाया बड़ा कदम, सेना को दिया बड़ा आदेश……

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सेना ने भूतपूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना के तहत देशभर में 51 ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक खोल रखे हैं, जहां 55 लाख पूर्व सैनिकों का इलाज किया जाता है। अभी तक यह पॉलीक्लिनिक सिर्फ दिन में ही खुलते थे लेकिन को’विड-19 मा’मलों में आयी तेजी के बीच इन्हें रात में भी खोले जाने की जरूरत महसूस की गई है।

इसलिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पिछले माह 51 ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक में अधिकृत कर्मचारियों के अतिरिक्त अनुबंध कर्मचारियों के लिए अस्थायी भ’र्ती को मंजूरी दी थी। इन ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक में एक-एक चिकित्सा अधिकारी, नर्सिंग असिस्टेंट, फार्मासिस्ट, वाहन चालक और चौकीदार को अनुबंध कर्मचारियों के रूप में सामान्य कामकाज के घंटों के अलावा रात्रि ड्यूटी पर तैनात किया जाएगा।

रक्षा मंत्रालय प्रवक्ता के मुताबिक सेना की ​’​टूर ऑफ ड्यूटी​’​ योजना के तहत भर्ती किये जाने वाले इन 400 चिकित्सा अफसरों को एक निश्चित मासिक एकमुश्त राशि का भुगतान किया जायेगा।

इसके लिए सेवानिवृत्ति के समय मिल रहे मूल वेतन में मौजूदा समय में मिल रही पेंशन राशि की कटौती करके भत्ता दिया जायेगा। इसके अलावा यह भी शर्त रखी गई है कि संविदा के आधार पर भर्ती किए जाने वाले चिकित्सा अफसरों को नागरिक मानकों के अनुसार चिकित्सकीय रूप से फिट होना चाहिए।

रक्षा मंत्रालय ने 27 अप्रैल को पूर्व सैन्यकर्मियों और उनके आश्रितों के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए देश के 51 ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक में अतिरिक्त अनुबंध कर्मचारियों की अस्थायी भर्ती को मंजूरी दी थी।

इस पर मंत्रालय ने सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा के महानिदेशक को सेना चिकित्सा कोर से रिटायर हो चुके 400 चिकित्सा अफसरों को ‘टूर ऑफ ड्यूटी’ योजना के तहत भर्ती करने का आ’दे’श दिया था।

कोविड सं’कट से समय डॉक्टरों की कमी को देखते हुए भारतीय सेना ने इसकी मंजूरी के लिए सशस्त्र बलों के कमांडर और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पास प्रस्ताव भेजा था। राष्ट्रपति ने सेना चिकित्सा कोर से रिटायर हो चुके 400 चिकित्सा अफसरों की 11 माह के लिए भर्ती की स्वीकृति दे दी है।