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यो’नी में होते है इतने प्रकार के छेद, सभी छेदों के होते है अनोखे काम, सुनकर हिल जाओगे आप…

स्वास्थ्य

महिलाओं कि यो’नि उनके शरीर के महत्वपूर्ण अंगों में से एक होती है। यो’नि की संरचना काफी जटिल होती है। इसमें बर्थ कैनाल से लेकर यूट्रस तक के छे’द होते हैं। से*स उ’त्ते’ज’ना इंटरकोर्स, बच्चे को जन्म देने जैसे सारे काम यो’नि से ही होते हैं। महिलाओं की यो’नि को लेकर महिलाओं और पुरुषों के मन में बहुत सारे सवाल होते हैं। एक रिसर्च में पाया गया है कि अधिकतर पुरुष इंटरनेट पर महिलाओं की यो’नि से जुड़े हुए सवाल सबसे ज्यादा पूछते हैं और यो’नि की तस्वीरें सबसे ज्यादा देखते हैं।

यो’नि में कितने छेद होते हैं? यो’नि के छेद का क्या काम होता है? क्यों होते हैं यो’नि में छेद? कैसी होती है यो’नि की संरचना? इन सभी सवालों का जवाब हम इस आ’र्टि’क’ल में विस्तार से देने जा रहे हैं। आइए जानते हैं कि क्या होती है महिलाओं की यो’नि और उससे जुड़े सभी सवालों के बारे में।

यो’नि के छि’द्रों का क्या काम होता है
महिला के श्रोणि क्षेत्र में, तीन छेद होते हैं। सबसे ऊपर मूत्रमार्ग है (जहां से मूत्र निकलता है) दूसरा एक यो’नि है, जहां लिं’ग या उं’ग”ली को प्रवेश किया जा सकता है और तीसरे नीचे वाले छेद को गु’दा के रूप में जाना जाता है जहां से फे’क’ल व्यर्थ पदार्थ बाहर निकलता है। जैसा की आपने ऊपर जाना मू’त्रमा’र्ग में एक उंगली या लिंग नहीं जा सकता है। योनि एक लो’चदार अंग है। जिसमे लिं’ग आसानी से अंदर जा सकता हैं गु’दा बहुत तं’ग (टाइट) होता है और किसी भी वस्तु या लिंग के प्रवेश करने में इसमें बहुत असुविधा होती है। आइये यो’नि के इन छे’दों के बारे में विस्तार से जानते हैं।

यो’नि के पहला छेद का क्या काम होता है
महिलाओं की बाहरी से*स ऑर्गन वुल्वा के नाम से जाना जाता है। वु’ल्वा एक वैज्ञानिक नाम होता है। वु’ल्वा में जो छिद्र होता है उसे ही वे’जा’इ’ना के नाम से जाना जाता है। वे’जा’इ’ना महिलाओं के ग’र्भाश्य को बाहर से भीतर जोड़ने वाला रि’प्रो’ड’क्टिव ऑ’र्गन होता है। मा’सि’क धर्म के समय शरीर से ब्ल’ड को बाहर निकालने, बच्चे को जन्म देनें, ग’र्भपा’त के दौरान भ्रू’ण को महिला के शरीर से बाहर निकालने और से*स के दौरान पे’नि’स से इंट’रको’र्स का काम महिलाओं की वे’जा’इ’ना का होता है।

क्या काम होता है यो’नि में दूसरे छे’द का
दूसरा ‘छेद यू’रे’थ्रा में होता है। यह वे’जा’इ’ना की शुरुआत में ऊपर की तरफ होता है। इसे देखना आसान नहीं होता है लेकिन महिलाओं के पे’शा’ब करने के लिए यही छे’द होता है। उरिन को ब्लै’ड’र से होते हुए शरीर से बाहर निकलने के लिए यह छेद शरीर में एक रास्ता बनाता है। यू’रे’थ्रा से पे’शा’ब निकलता है लेकिन से*स या वे’जा’इ’ना के चूसने के दौ’रा’न यह बंद हो जाता है। ऐसे में इं’टरको’र्स और से*स के दौरान पे’शा’ब नहीं हो पाता है। इसलिए क’प’ल्स को इस बारे में बे’फि’क्र रहना चाहिए।

क्यों होता है यो’नि में तीसरा छेद
तीसरा छेन अ’न’स यानि की कूल्हों के बीच होता है। इस छेद में भी पे’नि’स इं’टर’को’र्स की मदद से से*स किया जा सकता है। इस एनल से*स कहा जाता है। ए*नल से*स में भी मजा और उ’त्ते’जक’ता का एहसास होता है। इसी के अलावा म’ल त्या’ग करने के लिए भी यह छे’द काम आता है।

क्या यो’नि के छेद का आकार बढ़ सकता है –
महिलाओं की यो’नि की संरचना काफी जटिल होती है। बहुत से लोगों के मन में यो’नि का आकार से लेकर उसके काम को लेकर तमाम सवाल होते हैं। यो’नि में जहां से पे’नि’स अंदर जाता है उसे वे’जा’इ’न’ल कै’नल भी कहते हैं। इसकी गहराई 3 से 6 इंच तक होती है। लेकिन शिशु के जन्म से लेकर से*स करने तक के मौ’कों पर इसकी गहराई बदल सकती है। जब महिलाएं से’*स करती हैं उस दौरान उनका स’र्वि’क्स और यू’ट्र’स दोनों ऊपर उठ जाते हैं इसलिए यो’नि की अलग गहराई को दो-तिहाई हिस्से तक ही इं’ट’रको’र्स हो पाता है। ऐसे में पुरुषों का पे’नि’स महिलाओं स’र्वि’क्स को छूता है।

पुरुषों का पे’निस सा’मान्य से ज्यादा बड़ा होता है तो भी यह ग’र्भाश्य को नहीं छूता है। सही से इं’ट’रको’र्स नहीं करने करने पर और बच्चे के जन्म के दौरान भी यो’नि का आ’कार बढ़ जाता है। लेकिन एक बात ध्यान में रखनी चाहिए की यो’नि की गहराई हमेशा के लिए नहीं बढ़ती है। यह ल’ची’ली होती है और प’रि’स्थि’ति’यों के अनुसार इसकी गहराई और आकार बढ़ता और घटता रहती है। बहुत बार महिलाओं को लगता है की उनकी वे’जा’इ’ना ढ़ी’ली होती जा रही है। इसके दो कारण हो सकते हैं। पहला वे’जा’इ’ना टि’शू के ल’चीलेपन का बहुत ज्यादा बढ़ना। कई सारे बच्चों को जन्म देने के कारण ऐसा होता है साथ ही उम्र के साथ-साथ वे’जा’इ’ना की म’स’ल्स के कमजोर होने के कारण भी ऐसा होता है।