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होटल-मॉल के टॉयलेट में नीचे से खुला होता है दरवाजा, क्या आप जानते हैं इसकी वजह?

मॉल के टॉयलेट का दरवाज़ा – आप मॉल और मल्टीप्लेक्स तो जाते ही होंगे, वहां का टॉयलेट भी यूज़ किया होगा, लेकिन क्या कभी ध्यान दिया है कि इन जगहों के टॉयलेट्स का दरवाजा नीचे से खुला क्यों होता.

फर्श और दरवाज़े के बीच में इतना ज़्यादा गैप होता है कि वो दरवाज़ा कम और खिड़की ज़्यादा लगता है. हम यक़ीन के साथ कह सकते हैं कि आपको इसके पीछे का राज़ नही पता होगा.

तो चलिए आज हम इस राज से परदा उठा देते हैं.

दरअसल, मॉल के टॉयलेट का दरवाज़ा नीचे से खुला कई कारणों से रहता है.

  • वहां के टॉयलेट्स दिन भर इस्तेमाल होते रहते हैं. जिससे फर्श लगातार खराब होता रहता है. फर्श और दरवाज़े के बीच जगह होने से टॉयलेट में पोछा लगाना आसान हो जाता है, वाइपर और मॉप घुमाने में आसानी होती है.
  • कई बार ऐसे मामले हुए हैं जब टॉयलेट के अंदर मेडिकल इमरजेंसी हो गई और दरवाज़ा बंद होने से बाहर लोगों को मालूम ही नहीं चला कि अंदर किसी को मदद की ज़रूरत है. ऊंचा दरवाज़ा होगा तो किसी के अंदर फंस जाने पर बाहर वालों को पता चल जाएगा. कुछ नहीं तो बाहर से ये दिखता रहेगा कि कोई बड़ी देर से अंदर है और बाहर नहीं आ रहा/रही.
  • कभी-कभी छोटे बच्चे अंदर से टॉयलेट लॉक कर लेते हैं और उन्हें समझ नहीं आता कि लॉक खोलें कैसे. अगर बच्चे की मदद के लिए कोई न हो, तो बच्चे दरवाज़े के नीचे से बाहर निकल सकते हैं.
  •  एक कारण ये भी है कि ऊंचे दरवाज़े से बाहर वाले को आपके पैर दिखते रहते हैं. इससे कोई भूल कर भी अंदर जाने की ग़लती नहीं करेगा.
  • पब्लिक टॉयलेट्स में छोटे दरवाज़े लगाने का विचार सबसे पहले अमरीका में आया. दरअसल, छोटा दरवाज़ा लगाने से लकड़ी (या प्लाई) का बिल कम किया जा सकता है. अब सोच रहे होंगे कि कुछ इंच लकड़ी बचाकर क्या हो जाएगा, तो ऐसा है कि एक पब्लिक टॉयलेट के लिए कई दरवाज़ों की ज़रूरत पड़ती है. मॉल या एयरपोर्ट के मामले में इनकी संख्या दर्जनों तक पहुंच जाती है. तो दरवाज़ों में थोड़ा-थोड़ा करके काफी बचत हो सकती है.

इसलिए  मॉल के टॉयलेट का दरवाज़ा नीचे से खुला रहता है – देखा आपने मॉल के टॉयलेट के दरवाज़े के नीचे से खुले होने के पीछे की वजहें कितनी दिलचस्प है.