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केंद्र सरकार ने अयो’ध्या मामलों पर गौर करने के लिए विशेष डेस्क बनाई

केंद्र सरकार ने एक अतिरिक्त सचिव की अध्यक्षता में अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से जुड़े सभी मामलों पर गौर करने के लिए एक विशेष डेस्क बनाई है. एक आधिकारिक आदेश में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा है कि तीन अधिकारी अयोध्या और इससे जुड़े अदालती फैसलों के संबंध में मामलों पर गौर करेंगे. ये अधिकारी अतिरिक्त सचिव ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में काम करेंगे. आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के नौ नवंबर के फैसले के मद्देनजर ये कदम महत्वपूर्ण है.

न्यायालय के आदेश के बाद अयोध्या में विवादित जमीन पर राम मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ था. शीर्ष न्यायालय ने उत्तरप्रदेश सुन्नी वक्फ बोर्ड को पांच एकड़ जमीन प्रदान करने और राम मंदिर निर्माण के लिए एक ट्रस्ट बनाने का भी आदेश दिया था. ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में अब गृह मंत्रालय का ये नया विभाग अयोध्या संबंधी सभी मामलों को देखेगा. खबर हैं कि उत्तरप्रदेश सरकार ने गृह मंत्रालय को एक प्रस्ताव भेजकर अयोध्या में ऐसे तीन भूखंडों का सुझाव दिया है, जिसमें से एक भूखंड को उत्तरप्रदेश सुन्नी वक्फ बोर्ड को सौंपा जा सकता है.

इस विषय पर अधिकारी का कहना है कि, ‘ऐसे सभी मामलों पर अब गृह मंत्रालय की नई डेस्क पर गौर किया जाएगा.’ संयोग से कुमार गृह मंत्रालय में जम्मू कश्मीर और लद्दाख मामलों के विभाग के भी प्रमुख हैं. जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किए जाने और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटे जाने के केंद्र सरकार के फैसले के दौरान उनकी भूमिका बहुत महत्वपूर्ण रही थी. 

गृह मंत्रालय में 1990 के दशक में और 2000 के शुरूआती वर्षों में एक विशेष अयोध्या प्रकोष्ठ था लेकिन अयोध्या पर लिब्रहान आयोग की रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद इसे बंद कर दिया गया था। इसी को लेकर गृह मंत्रालय ने आगे कहा है कि आंतरिक सुरक्षा-II खंड को आंतरिक सुरक्षा-I खंड में मिला दिया गया है और इसके बाद इसे आंतरिक सुरक्षा-I खंड के नाम से जाना जाएगा. संयुक्त सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव को गृह मंत्रालय में उनकी मौजूदा जिम्मेदारी के साथ आंतरिक सुरक्षा -I खंड का प्रभार दिया गया है। 

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