Categories
News

नहानें के पानी में मिला लें सिर्फ ये चीज, फिर देखियें आप कैसें बनते है अमीर….

धर्म.

कहते हैं कि सुंदर निरोगी व खुबसूरत काया के लिए स्‍नान करना जरूरी होता है लेकिन हमारें शास्‍त्रों में कुछ ऐसी विधाएं बताई गई है जिसे स्‍नान करते समय पालन करना जरूरी है। जो भी व्‍यक्ति इन बातों का ध्‍यान रखता है वो खुबसूरत काया के साथ साथ शुभ फलों जैसे लक्ष्‍मी कृपा, कुशाग्र बुद्धि और चमकती दमकती त्वचा को प्राप्‍त करता है।

इसके लिए आपको सबसे पहले आपको सुबह उठकर सूर्य उदय से पहले तारों की छाया में नहाने से अलक्ष्मी, परेशानियों या फिर बु’री शक्ति’यों से मु’क्ति पाई जा सकती है ध्‍यान रहे कि नहाने समय गुरूमंत्र, स्रो’त, की’र्तन, भज’न या भगवान के नाम का जाप करें ऐसा करने से अक्षय पुण्यों की प्राप्ति होती है। लेकिन वहीं आजकल के समय में परिवेश लोग आलस व समय के अभाव के कारण खापीकर स्नान करते हैं लेकिन ये शास्‍त्रों में बिल्‍कुल भी अनुरूप नहीं है।

स्नान की इस विशेष विधि को अपनाकर आप सब कुछ प्राप्‍त कर सकते हैं

सबसे पहले आप नहाते समय सिर पर पानी डालें बाद में पूरे शरीर पर। इसके पीछे अध्यात्मिक कारण ही नहीं बल्कि वैज्ञानिक कारण भी हैं दरअसल पहले सिर पर पानी डालने से नहाने से सिर और शरीर के ऊपरी भागों की गर्मी पैरों के माध्यम से निकल जाती है। वहीं योग और आयुर्वेद में स्नान के कई सारे फायदे बताए गए हैं। कहा जाता है कि काफी देर तक और अच्छे से स्नान किया जाए तो थकान और तना’व घटता है इतना ही नहीं इससे मन भी प्रसन्न और स्वास्थ्य भी सही रहता है।

शास्‍त्रों के अनुसार एक प्राचीन उपाय है जिसमें काले तिल को नहाने के पानी में मिलाकर नहाया जाता है इससे व्यक्ति का भाग्य प्रबल होता है, दरिद्रता उसे कोसो दूर भागती है और स्वास्थ्य लाभ मिलता है। वहीं ये भी कहा जाता है कि सूर्योदय में किया गया स्‍नान व्‍यक्ति को असीम सुख देता है। कुछ लोगों के मुंह से सोते समय लार निकलता रहता है, जिससे पूरा शरीर अशुद्ध हो जाता है ऐसे लोगों अक्‍सर सुबह सुबह उठते ही स्नान कर लेना चाहिए।