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Breaking News-: पा’किस्ता’न में होनें वाला है त’ख्तापलट !! इमरान की जगह लेगा ये शख्स..👇

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को’रोना के दौर में बेहाल हुए पा’किस्ता’न में इ’म’रान खान सरकार को उखाड़ फें’कने के लिए सभी वि’पक्षी पार्टियां एकजुट हो गई हैं। उन्होंने पाकिस्तान डे’मोक्रेटि’क मू’व’मेंट (पीडीएम) नाम से एक गठ’बंध’न भी बनाया है। इसकी क’मा’न की पहली बैठक में पा’कि’स्ता’न के ते’ज-त’र्रार मौ’ल’वी तथा नेता मौलाना फ’ज’लुर र’हमा’न को इस ग’ठबंध’न का अध्यक्ष बनाया गया है। ये वही मौ’लवी हैं जिन्होंने एक साल पहले इ’मरा’न स’रकार की नींव हिला दी थी।

कौन हैं मौलाना डीजल
मौ’ला’ना फ’जल-उर-र’ह’मान सुन्नी क’ट्टरपं’थी दल और पा’किस्ता’न की धा’र्मिक पार्टी जमीयत उ’ले’मा-ए-इ’स्ला’म के प्रमुख हैं। उनके पिता खै’बर प’ख्तू’न’ख्वा के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। मौ’ला’ना भी खुद पा’कि’स्ता’नी संसद में नेता प्र’तिपक्ष की भूमिका निभा चुके हैं। मौलाना पा’कि’स्ता’न में विदेश नीति को लेकर सं’स’द की समिति और क’श’मीर समिति के भी प्रमुख रह चुके हैं।

केंद्रीय मंत्री का मिल चुका है दर्जा
मौ’लाना फज’ल-उ’र-र’हमा’न को नवाज श’री’फ सरकार के दौ’रान केंद्रीय मंत्री का दर्जा दिया गया था। 2018 में उन्हें सरकार विरोधी समूह की ओर से राष्ट्रपति पद के उ’म्मी’दवार बनाया गया था, लेकिन वह चुनाव में आ’रि’फ अ’ल्वी के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। मौ’ला’ना ता’लिबा’न के कट्टर समर्थक माने जाते हैं। हा’लां’कि वे खुद को उ’दार’वादी होने का दावा करते हैं।

न’वा’ज श’री’फ ने मौ’ला’ना के नाम का दिया था प्र’स्ताव’
इस बैठक में पा’किस्ता’न मु’स्लि’म लीग-न’वा’ज प्रमुख और पूर्व प्र’धानमं’त्री न’वा’ज शरीफ, पा’किस्ता’न पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी, बीएनपी प्रमुख सरदार अख्तर मेंगल सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया। पीडीएम की संचालन समिति के सं’योजक एहसान इकबाल और पूर्व प्रधानमंत्री श’रीफ ने गठबंधन के अध्यक्ष के रूप में रहमान के नाम का प्रस्ताव दिया और पीपीपी अध्यक्ष बिलावल और अन्य ने इसका समर्थन किया।

स्थायी अध्यक्ष बनाने पर गठबंधन में असंतोष
सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि श’रीफ ने शुरू में प्रस्ताव दिया था कि रहमान को स्थायी आधार पर अध्यक्ष के रूप में नि’युक्त किया जाना चाहिए लेकिन बिलावल और अवा’मी ने’श’नल पा’र्टी (एएनपी) के नेता अ’मीर है’दर होती ने इस विचार का वि’रोध किया और सुझाव दिया कि अध्यक्ष पद घटक दलों के नेताओं को बारी-बारी से दिया जाना चाहिए।

4 से 6 महीनों तक रहेंगे अध्यक्ष
बाद में नेताओं के बीच एक समझौता हुआ कि रहमान को पहले चरण में पीडीएम का नेतृत्व करना चाहिए क्योंकि उन्होंने पहले ही पिछले साल पा’कि’स्ता’न तह’रीक-ए-इं’सा’फ पा’र्टी नीत सरकार के खि’ला’फ आ’जा’दी मा’र्च का नेतृत्व किया था। ज्यादातर प्रतिभागियों की राय थी कि निरंतरता बनाए रखने के लिए, यह आवश्यक है कि पीडीएम अध्यक्ष सहित प्रमुख पदाधिकारियों का कार्यकाल चार से छह महीने से अधिक न हो।

सभी पार्टियों से एक-एक कह बनाए जाएंगे अध्यक्ष
इ’कबा’ल ने कहा कि यह फै’स’ला लिया गया कि 11 दलों के ग’ठबंध’न में तीन मुख्य पार्टियां बारी-बारी से पी’डी’एम के ती’न शीर्ष पदों को साझा करेगी। पीडीएम के उपाध्यक्ष और महासचिव पद क्रमश: पीएमएल-एन और पीपीपी को दिये जायेंगे। उन्होंने कहा कि वि’पक्ष ने सं’विधा’न के स’र्वोपरि होने, लोकतंत्र, स्वतंत्र न्यायपालिका और पा’कि’स्तानि’यों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए आं’दोल’न शुरू करने का फैसला किया है। देश की 11 विपक्षी पार्टियों ने 20 सितम्बर को पीडीएम के गठन की घोषणा की थी।