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विधानसभा में अपनी सीट बदले जानें पर बोले पायलट, कहा: सीमा पर उन्हें भेजा जाता जों………

राजनीति

राजस्थान में महीनों से जारी खींचतान के बाद आज से विधानसभा के सत्र की शुरुआत हो गई. कांग्रेस ने विधानसभा में आज विश्वास मत प्रस्ताव पारित कर दिया है. इस बीच विधानसभा सत्र के दौरान सचिन पायलट ने कहा कि सदन में मेरी सीट बदल दी गई है. उन्होंने बताया कि सदन में जहां मेरी सीट है, वह एक सीमा है उसके बाद विपक्ष की सीटें शुरू होती है और सरहद पर उसे भेजा जाता है जो मजबूत हो. इस बीच सदन में विश्वास प्रस्ताव पर बहस हई. इस बहस के दौरान भाजपा और कांग्रेस ने जमकर हंगामा किया. बहस के दौरान कांग्रेस ने कहा कि सरकार को गिराने के भाजपा के प्रयासों को विफल कर दिया गया है. फिलहाल इस प्रस्ताव पर सदन में बहस चल रही है.

विधानसभा सत्र के दौरान आज सचिन पायलट ने कहा कि सदन में मेरी सीट बदल दी गई. उन्होंने बताया कि सदन में जहां मेरी सीट है, वह एक सीमा है उसके बाद विपक्ष की सीटें शुरू होती हैं सरहद पर उसे भेजा जाता है जो मजबूत है. उन्होंने कहा कि हमें जिस डॉक्टर को नब्ज दिखाना था, जहां नब्ज दबानी थी, वहां दिखा दिया, अब गदा और कवच लेकर सरकार को सुरक्षित रखेंगे.

विश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान शांति धारीवाल की टिप्पणी पर हंगामा हो गया. धारीवाल ने बीजेपी पर विधायकों की खरीद फऱोख़्त का आरोप लगाया. इस पर बीजेपी विधायकों आपत्ति जताई. सदन में विश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि केंद्र सरकार, सरकारों को अस्थिर कर रही है. उन्होंने कहा कि बीजेपी का गोरखधंधा, विधायकों की खरीद फरोख्त है. 

शांति धारीवाल ने कहा कि आपसे हिसाब मांगा जाएगा. धारीवाल ने विधायक खरीद फरोख्त पर इशारा करते हुए कहा कि पूनिया साहब, राठौड़ साहब आपस में झगड़ा मत करना, वरना सारा भांडा फूट जाएगा. हिसाब तो मांगा ही जाएगा, धारीवाल ने इस प्रकरण में अमित शाह का नाम लिया, गुलाबचंद कटारिया और राजेंद्र राठौड़ आपत्ति जताई. शांति धारीवाल ने कहा, केंद्र की सरकार गिराने की कोशिशें राजस्थान में कामयाब नहीं हुई, राजस्थान में बीजेपी और केंद्र को छठी का दूध याद दिला दिया, बीजेपी की तिगड़ी मुख्यमंत्री बनने का सपना देख रही है, संजीवनी बूटी खाकर इथोपिया में हजारों एकड़ जमीन के मालिक मुख्यमंत्री बनने का ख्वाब देख रहे हैं, छोटा भाई और मोटा भाई ने विधायकों की मिनिमम स्पोर्ट प्राइस बढ़ा दी, खरीद फरोख्त से सरकार गिराने की कोशिश हुई. मोड्स ऑपरेंडी की जगह अब मोदीस ऑपरेंडी चल पड़ा है.