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पवित्र महिला की होती हैं ये तीन खास पहचान जानिए..

चाणक्य नीति

मनुष्य का चरित्र विचार और आचार दोनों से मिलकर बनता है। संसार में बहुत से ऐसे लोग पाए जा सकते हैं जिनके विचार बड़े ही उदार, महान और आर्दशपूर्ण होते हैं। किन्तु उनकी क्रियाएं उसके अनुरुप नहीं होती है। विचार पवित्र हों और कर्म अपवित्र तो यह सदचरित्रता नहीं हुई। इसी प्रकार बहुत से लोग ऊपर से बड़े ही सत्यवादी, आर्दशवादी और धर्म-कर्म करने वाले दिखते हैं किन्तु उनके भीतर कलुष पूर्ण विचारधारा बहती रहती है।

पवित्र महिलाओं के ये लक्षण बनाते हैं उनके पति को भाग्यशाली मनुष्य का चरित्र विचार और आचार दोनों से मिलकर बनता है। संसार में बहुत से ऐसे लोग पाए जा सकते हैं जिनके विचार बड़े ही उदार, महान और आर्दशपूर्ण होते हैं। किन्तु उनकी क्रियाएं उसके अनुरुप नहीं होती है। विचार पवित्र हों और कर्म अपवित्र तो यह सदचरित्रता नहीं हुई। इसी प्रकार बहुत से लोग ऊपर से बड़े ही सत्यवादी, आर्दशवादी और धर्म-कर्म करने वाले दिखते हैं किन्तु उनके भीतर कलुष पूर्ण विचारधारा बहती रहती है। ऐसे व्यक्ति भी सदचरित्र वाले नहीं मानें जा सकते। सच्चा चरित्रवान वहीं व्यक्ति होता है जो विचार और आचार दोनों को समान रूप से उच्च और पुनीत रखकर चलता है। मनुष्य के चरित्र का निर्माण संस्कारों के आधार पर होता है। मनुष्य जिस प्रकार के संस्कार संचय करता रहता है उसी प्रकार उसका चरित्र ढलता रहता है। इसलिए अपने चरित्र का निर्माण करने के लिए व्यक्ति को अपने संस्कारों का निर्माण करना चाहिए। : जानिए साल 2021 में रंगवाली होली की डेट एवं होलिका दहन का शुभ मुहूर्त

भारत में महिलाओं को देवी का दर्जा दिया जाता है। वैसे तो प्रकृति ने स्त्री के भीतर कोमलता, सौम्यता और मातृत्व के भाव कूट-कूट कर भरे हैं। और अधिकतर महिलाओं में यह भावना होती भी है। इस संसार में अलग-अलग प्रकार के लोग रहते हैं। हर किसी का स्वभाव बहुत भिन्न-भिन्न होता है और खासकर महिलाओं का। जब पुरुष अपना जीवनसाथी चुनता है तो वह सर्वगुण संपन्न लड़की चाहता है। जिसमें विशेषकर कि वह लड़की भाग्यशाली हो, लेकिन जिस तरह हाथों की पांचों अंगुलियां बराबर नहीं होती ठीक वैसे ही सारी महिलाएं भी एक जैसी नहीं होती। ऐसे में जरुर यह हो जाता है कि यह पता कैसे लगाएं कि कौन महिला चरित्रहीन है और कौन महिला पवित्र है। तो आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ लक्षणों के बारे में जो आपको पवित्र महिला की पहचान कराने में आपकी मदद करेंगे।

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पवित्र महिलाओं के लक्षण
सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार जिन महिलाओं के होठों के ऊपर हल्का बाल होता है ऐसी महिलाएं अच्छे गुण वाली होती हैं। ऐसी महिलाएं धर्मकर्म, दान-पुण्य करने में ज्यादा विश्वास रखती हैं। और ऐसी महिलाएं अपने पति के लिए भी बेहद भाग्यशाली साबित होती है।
जिन लड़कियों के माथे पर तिल होता है ऐसी लड़कियां भी अपने पति के लिए बेहद ही भाग्यशाली होती हैं। ये अपने पति का पूरा ख्याल रखती हैं। और उनसे बेहद प्यार करती हैं। और ये खुद भी आत्मनिर्भर रहती हैं।
सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार जिन लड़कियों के शरीर पर हल्के-हल्के बाल होते हैं ऐसी लड़कियों का दामन बहुत ही पवित्र माना जाता है। ऐसी लड़कियों में माता सीता के गुण विराजमान होते हैं। और ये अपने घर और परिवार को हमेशा ही खुश रखती हैं।
सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार जिन लड़कियों की भौहें पतली होती हैं ऐसी लड़कियां अपने पति के लिए पूर्णरुप से समर्पित होती हैं। हर सुख और दुख में अपने पति का साथ देती हैं। इनका दिल बहुत बड़ा होता है। और ये बेहद ही संस्कारी होती हैं। और पूजा-पाठ, धर्म-कर्म पर अत्यधिक विश्वास करती हैं।