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सपा के वरिष्ठ नेता ने दुनिया को कहा अलविदा, पार्टी में छाया माताम

ये साल राजनीतिक गालियारों के लिए कुछ खास शुभ दिखाई नहीं दे रहा था क्योंकि अभी 2020 की शुरूआत ही हुई है और रोज किसी न किसी बड़े नेता के निधन की खबर आ रही है. आपको बता दें कि सपा के वरिष्ठ नेता व प्रदेश सरकार में कई बार मंत्री रहे शाकिर अली का लखनऊ के मेदांता अस्पताल में रविवार की रात को निधन हो गया है. वो 67 वर्ष की थे. जानकारी के मुताबिक वे करीब एक माह से मेदांता में भर्ती थे. उनके निधन की खबर आने से पार्टी में शोक की लहर दौड़ गई है.

शाकिर अली मुल रूप से देवरिया के करजहां गांव के रहने वाले थे. उन्होंने बीएचयू से पढ़ाई की थी. बनारस में भी वे बहुत सक्रिय रहे. उन्होंने 1989 व 1991 में गौरीबाजार से निर्दल चुनाव लड़े था. 1993 में सपा-बसपा गठबंधन में गौरीबाजार सीट बसपा के खाते में गई थी. जिसमें शाकिर अली बसपा के टिकट पर विधानसभा का चुनाव जीत थे. जिसके बाद प्रदेश में सपा-बसपा की सरकार बनी. इसी सरकार में शाकिर अली शिक्षा मंत्री बने थे. गठबंधन टूटने व सरकार गिरने के बाद वे सपा में शामिल हो गए. जिसके बाद उन्होंने सपा में रहकर ही राजनीति की.

आपको बता दें कि 1996 के साथ ही वर्ष 2000 में गौरीबाजार विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में वो हार गए थे. जिसके बाद 2002 में उन्होंने सपा के टिकट पर गौरीबाजार से दूसरी बार विधायक बने और सरकार में लघु सिंचाई मंत्री भी बने. आपको बता दें कि शाकिर अली डायबिटीज के मरीज थे और किडनी की बीमारी से ग्रसित हो गए थे. तबियत बिगड़ने पर उन्हें मेदांता में भर्ती कराया गया था, जहाँ रात करीब 12 बजे उनका निधन हो गया. शाम को 4 बजे उन्हें पैतृक गांव में सुपुर्दे खाक किया जाएगा।