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बड़ी खबर-: किसानों के साथ बैठक में अमित शाह ने कह दी बड़ी बात, किसान संगठनों में मचा ह’ड़कंप…..

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नए कृ’षि का’नूनों को लेकर ग’तिरो’ध ब’ढ़ गया है और इसके चलते बु’धवार को कि’सान ने’ताओं और स’रकार के बीच होने वाली छठे दौ’र की वा’र्ता टल गई है। भारत बंद के आ’योजन के बाद और वा’र्ता से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अ’मित शा’ह ने ग’ति’रोध तो’ड़’ने के लिए मंगलवार शाम 13 किसान नेताओं के साथ बैठक की। इसमें कि’सान सं’गठन नए कृ’षि का’नूनों को नि’रस्त करने की मां’ग पर अड़े रहे, लेकिन सर’कार का कहना है कि का’नूनों को रद करना सं’भव नहीं है, इनमें सं’शोध’न किए जा सकते हैं। सरकार ये सं’शोधन प्रस्ता’व बु’धवार को सौं’पेगी और इन पर च’र्चा के बाद कि’सान संग’ठन अपने आगे के कदम पर फै’सला करेंगे।

मंगलवार की शाम गृह मंत्री अमित शाह के अलावा कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर, वाणिज्य व रेल मंत्री पीयूष गोयल के  सोमप्रकाश के साथ किसान ज’त्थेबंदि’यों के 13 सदस्यीय प्रति’निधि’मंड’ल की करीब दो घंटे मैरा’थन बैठक चली। बैठक से निकल कर क्रां’तिका’री कि’सान यूनि’यन के डॉ. दर्शनपाल और भाकियू एकता डकौंदा के बूटा सिंह बुर्जगिल ने बताया कि अमित शाह के साथ अनौ’पचारि’क बै’ठक बे’नती’जा रही। गृह मंत्री शाह ने किसान ज’त्थेबंदि’यों को कहा, तीन का’नूनों की वा’पसी को छो’ड़कर बाकी मु’द्दों पर पहले बात की जाए। कुछ मु’द्दों पर हल पहले ही निकल चुका है। इस पर किसान ने’ताओं ने कहा, पहले भी कई मु’द्दों पर कई दौर की बात हो चुकी है लेकिन अब तक सरकार की ओर से लिखित प्र’स्ताव नहीं मिला है।


सूत्र बताते हैं कि शाह की तरफ से आ’श्वासन दिया गया कि सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की लिखित गारंटी, परा’ली जला’ने पर एक करोड़ जुर्माने को न्यूनतम करने, 2020 बिजली में आंशिक बदलाव समेत चार बड़ी आ’पत्तियों पर संशो’धन को सहमत है, लेकिन किसान नेताओं का शि’ष्टमंडल अड़ा रहा कि जब तक तीनों कानू’न वापस नहीं ले लिए जाते, तब तक वह नहीं मानेंगे। फिर बात यहीं अ’टक गई।