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अभी अभी देश के सबसें अमीर आदमी मुकेश अंबानी पर टूटा प’रेशानी का पहाड़, सदमें में……..😢

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शेयर कारो’बार में हेरा’फेरी के लिए सेबी ने मुकेश अंबानी और रिला’यंस पर लगाया भारी जुर्मा’ना, जानिए कैसे हुई ये गड़’बड़ी!कुछ दिन पहले ही मुकेश अंबानी दुनिया के पहले सबसे अमीर श’ख्स के खिताब से एक पाय:दान नीचे खि’सक कर दूसरे नंबर (mukesh ambani now second richest asian) पर पहुंच गए हैं। अभी इस मामले को चंद दिन ही गुजरे हैं कि अंबानी के लिए एक दूस’री बुरी खबर आ गई है। शुक्र’वार को शेयर मार्केट निया’मक सेबी (SEBI) ने शेयर की हेरा’फेरी के मामले में रिला’यंस और मुकेश अंबानी पर त’गड़ा जु’र्माना (Sebi fines Reliance Industries and Mukesh Ambani) लगाया है। उनके अलावा दो अन्य इका’इयों पर भी सेबी ने जुर्माना लगाया है।

कितना जु’र्माना लगाया गया है?

सेबी ने मुकेश अंबानी पर 15 क’रोड़ रुपये, जबकि मुकेश अंबनी की कंपनी रिला’यंस इंड’स्ट्रीज पर 25 करोड़ रुपये का जु’र्माना लगाया है। यानी मुकेश अंबानी को 40 करोड़ रुपये का फट’का लगा है। उनके अलावा नवी मुंबई सेज प्राइवेट लिमि’टेड पर 20 करोड़ रुपये और मुंबई सेट लिमि’टेड पर भी 10 करोड़ रुपये का जु’र्माना लगाया गया है। सेबी ने आरोप लगाया है कि आर’आईएल ने आईपी’एल के शेय’रों की ट्रेडिं’ग में गड़’बड़ी की थी।

शेयर कारोबार में की थी हेराफेरी

कैसे हुई गड़बड़ी?

ये मामला नवंबर 2007 का है, जो रिला’यंस पे’ट्रोलियम लिमि’टेड यानी आरपी’एल के शेयरों की फ्यू’चर एंड ऑ’प्शन सेक्श’न में ट्रे’डिंग से जुड़ा है। रिलायंस इंड’स्ट्रीज लिमि’टेड यानी आरआ’ईएल ने मार्च 2007 में आरपीएल में 4.1 फीसदी हिस्से’दारी बेचने का फैसला किया था। हालां’कि, बाद में 2009 में रिला’यंस इंड’स्ट्रीज की इस सब्सि’डियरी कंपनी का रिला’यंस इंड#स्ट्रीज में ही वि’लय हो गया।

सेबी का आरोप है कि रिला’यंस इंड’स्ट्रीज ने आरपीएल में अपनी करीब 4.1 फीसदी हिस्से’दारी बेचने में गड़’बड़ी की है। पहले रिला’यंस की तरफ से डील कर रही कुछ पा’र्टियों ने आरपी’एल फ्यूचर्स को खरीद लिया। इसके चलते जब रिलायंस की तरफ से आरपीएल में अपनी हिस्से’दारी बेची गई तो कंपनी को फा’यदा हुआ, क्योंकि आरपी’एल फ्यू’चर्स खरीदे जाने की वजह से फ्यू’चर एंड ऑ’प्शन सेग’मेंट में आरपी’एल की सेटल’मेंट की कीमत कम हो गई।

इस बात से अन’जान थे निवे’शक

सेबी अधि’कारी बी जे दिलीप ने अपने 95 पन्नों के अपने आदे’श में कहा कि सिक्यो’रि:टीज की मात्रा या कीमत में कोई भी गड़’बड़ी हमेशा बा’जार में निवे’शकों के वि’श्वास को चोट पहुं’चाती है और वो बा’जार में हुई हेरा’फरी में सबसे अधिक प्रभा’वित होते हैं। उन्हों’ने कहा कि इस मामले में आम निवे’शक इस बात से अन’जान थे कि फ्यू’चर एंड ऑ’प्शन से’क्शन में सौदे के पीछे रिला’यंस इंड’स्ट्रीज है।

रिला’यंस ने नहीं दी कोई प्रति’क्रिया

सुनवाई अधि’कारी ने कहा कि कारो’बार में गड़’बडी से सही कीमत बाहर नहीं आती। उन्होंने कहा कि मेरा विचार है कि गड़’बड़ी किये जाने वाले ऐसे कामों को सख्ती से नि’पटा जाना चाहिए ताकि पूंजी बा’जार में इस प्रकार की गतिवि’धियों को रोका जा सके। इस बारे में फिल’हाल आरआ’ईएल से कोई प्रति’क्रिया नहीं मिली है। उम्मीद है कि जल्द ही रिला’यंस इस पर अप’ना पक्ष र’खेगा।