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मोदी सरकार के बजट में किसको क्या मिला, यहां जानिए एक-एक बात विस्तार से…..

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केन्‍द्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केन्‍द्रीय बजट 2021-22 पेश किया, जो इस नये दशक का पहला बजट है और अप्रत्‍या’शित को’विड सं’कट के मद्दे’नजर एक डिजिटल बजट भी है। आत्‍मनिर्भर भारत का विजन प्रस्‍तुत करते हुए उन्‍होंने कहा कि यह दरअसल 130 करोड़ भारतीयों की एक स्‍पष्‍ट अभिव्‍यक्ति है, जिन्‍हें अपनी क्षमता और कौशल पर पूर्ण भरोसा है।

उन्‍होंने कहा कि बजट प्रस्‍तावों से राष्‍ट्र पहले, किसानों की आय दोगुनी करने, मजबूत अवसंरचना, स्‍वस्‍थ भारत, सुशा’सन, युवाओं के लिए अवसर, सभी के लिए शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, समा’वेशी विकास, इत्‍यादि का संकल्‍प और मजबूत होगा। इसके अलावा त्‍वरित कार्यान्‍वयन के पथ पर बजट 2015-16 के वे 13 वादे भी हैं, जिन्‍हें देश की आजादी के 75वें वर्ष यानी 2022 के अमृत महोत्‍सव के दौ’रान पूरे किये जाने हैं। उन्‍होंने कहा कि ये सभी वादे भी आ’त्‍मनि’र्भरता के इस वि’जन के अनुरूप हैं।

वर्ष 2021-22 के बजट प्रस्‍ताव इन 6 स्‍तंभों पर आधारित हैं :

1. स्‍वास्‍थ्‍य एवं खुशहाली
2. भौतिक एवं वित्‍तीय पूंजी, और अवसंरचना
3. आकांक्षी भारत के लिए समावेशी विकास
4. मानव पूंजी को फिर से ऊर्जावान बनाना
5. नवाचार और अनुसंधान व विकास
6. न्‍यूनतम सरकार और अधिकतम शासन

स्‍वास्‍थ्‍य एवं खुशहाली
स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी बुनियादी ढांचागत सुविधाओं में निवेश में उल्‍लेखनीय वृद्धि की गई है और वर्ष 2020-21 के बजट अनुमान में स्‍वास्‍थ्‍य एवं खु’शहाली के लिए ब’जट परिव्‍यय 2,23,846 करोड़ रुपये का है, जबकि इस साल का बजट अनुमान 94,452 करोड रुपये का है, जो 137 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।

वित्‍त मंत्री ने घोषणा की कि 6 वर्षों में लगभग 64,180 करोड़ रुपये के परिव्‍यय वाली एक नई केन्‍द्र प्रायोजित स्‍कीम ‘पीएम आत्‍मनिर्भर स्‍वस्‍थ भारत योजना’ का शुभारंभ किया जाएगा। इससे प्राथमिक, द्वितीयक एवं तृती’यक स्‍वास्‍थ्‍य प्रणालियों की क्षमता विकसित होगी, मौ’जूदा राष्‍ट्रीय संस्‍थान मजबूत होंगे, और नये संस्‍थानों का सृ’जन होगा, जिससे नई और उभरती बी’मारियों की पहचान एवं इला’ज करने में आसानी होगी। यह राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मिशन के अति’रिक्‍त होगा। इस योज’ना के तहत किये जाने वाले मुख्‍य उपाय निम्‍नलिखित हैं :

ए. 17,788 ग्रामीण और 11,024 शहरी स्‍वास्‍थ्‍य एवं वेलनेस केंद्रों के लिए आवश्‍यक सहायता दी जाएगी।

बी. 11 राज्‍यों के सभी जिलों और 3382 प्रखंड सार्वजनिक स्‍वास्‍थ्‍य इकाइयों में एकीकृत सार्वजनिक स्‍वास्‍थ्‍य प्रयोगशालाएं स्‍थापित की जाएंगी।

सी. 602‍ जिलों और 12 केन्‍द्रीय सं’स्‍थानों में गंभी’र बी’मारी की देखभाल से जुड़े अस्‍पताल ब्‍लॉक स्‍थापित किये जाएंगे।

डी. रा’ष्‍ट्रीय रो’ग नियं’त्रण केन्‍द्र (एनसीडीसी), इसकी 5 क्षेत्रीय शाखाओं और 20 महानगरों में स्थित स्‍वा’स्‍थ्‍य निगरा’नी इ’काइ’यों को म’जबूत किया जाएगा।

ई. सभी सार्वजनिक स्‍वास्‍थ्‍य प्रयोगशालाओं को आपस में जोड़ने के लिए एकीकृत स्‍वास्‍थ्‍य सूचना पोर्टल का विस्‍तार सभी राज्‍यों/केन्‍द्र शा’सित प्रदेशों में किया जाएगा।

एफ. प्रवेश स्‍थलों, अर्थात 32 हवाई अड्डों, 11 समुद्री बंदरगाहों और 7 लैंड क्रॉसिंग पर 17 नई सार्वजनिक स्‍वास्‍थ्‍य इकाइयों को चालू किया जाएगा और 33 मौजूदा सार्वजनिक स्‍वास्‍थ्‍य इकाइयों को मजबूत किया जाएगा।

जी. 15 स्‍वास्‍थ्‍य आपातकालीन ऑ’परेशन केन्‍द्रों और 2 मोबाइल अस्‍पतालों की स्‍थापना की जाएगी।

एच. वन हेल्‍थ के लिए एक राष्‍ट्रीय संस्‍थान, डब्‍ल्‍यूएचओ के दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र के लिए एक क्षेत्रीय अनुसंधार प्‍लेटफॉर्म, जैव सुरक्षा स्‍तर-3 की 9 प्रयो’गशा’लाओं और वि’षाणु विज्ञा’न के लिए 4 क्षेत्रीय राष्‍ट्रीय सं’स्‍थानों की स्‍थापना की जाएगी।

टीका

वर्ष 2021-22 के बजट अनुमान में को’विड-19 वै’क्‍सीन के लिए 35,000 करोड़ रुपये का प्रा’वधान किया गया। भारत में तैयार ‘न्‍यू’मोको’कल वै’क्‍सीन’, जो मौ’जूदा समय में केवल पांच राज्‍यों तक ही सीमित है, को देश भर में उपलब्‍ध कराया जाएगा। इसका उद्देश्‍य हर वर्ष 50,000 बच्‍चों को मौ’त के मुंह में जाने से बचाना है।

पोषण

पो’षक तत्‍वों को बढ़ाने के साथ-साथ इनकी डिलीवरी, पहुंच एवं परिणाम को बेहतर करने के लिए सरकार पूरक पोषण कार्यक्रम और पोषण अभियान का आपस में वि’लय कर देगी तथा मिशन पोषण 2.0 को लॉन्‍च करेगी। सरकार सभी 112 जिलों में पो’षण सं’बंधी प’रिणामों को बेहतर करने के लिए एक गह’न र”णनीति अप’नाएगी।

जलापूर्ति की सार्वभौमिक कवरेज और स्‍वच्‍छ भारत मिशन

वित्‍त मंत्री ने घोषणा की कि 2.86 करोड़ घरों में नल कनेक्‍शनों के साथ सभी 4378 शहरी स्‍थानीय निकायों में सार्वभौमिक जलापूर्ति के लिए जल जीवन मिशन (शहरी) का शुभारंभ किया जाएगा। इसके साथ ही 500 अमृत शहरों में तरल अ’पशि’ष्‍ट का प्रबंधन किया जाएगा। इसे 2,87,000 करोड़ रुपये के परिव्‍यय के साथ अगले 5 वर्षों में कार्यान्वित किया जाएगा। इसके अलावा 2021-2026 तक के 5 वर्षों में 1,41,678 करोड़ रुपये के कुल वित्‍तीय आवंटन के साथ शहरी स्‍वच्‍छ भारत मिशन को कार्यान्वित किया जाएगा। वायु प्र’दूषण की गंभीर समस्‍या से निपटने के लिए सरकार ने इस बजट में 10 लाख से अधिक की आबादी वाले 42 शहरी केन्‍द्रों के लिए 2217 करोड़ रुपये उपलब्‍ध कराने का प्रस्‍ताव किया है। पु’राने और अ’नुपयु’क्‍त पाए जाने वाले वाहनों को च’रणब’द्ध ढं’ग से ह’टाने के लिए एक स्‍वै’च्छिक वाहन स्‍क्रैप नीति की भी घोषणा की गई। निजी वाहनों के मामले में 20 साल बाद और वाणिज्यिक वाहनों के मामले में 15 साल बाद स्‍व’चा’लित फि’टनेस केन्‍द्रों में फि’टनेस प’रीक्षण क’राए जाने का प्र’स्‍ताव किया गया है।