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पैसों के दम पर सुलगाया जा रहा था किसान आंदोलन, सामनें आया ख’तरनाक वीडियों…..

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किसा’न आंदोल’न को लेकर विदेशी सेलेब्रिटीज का ट्वीट करना महज एक प्रोपगैंडा था ये साबित हो चुका है. स्वीडिश पर्यावरण एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग के टूलकिट ने सारे साजिश का भांडाफोड़ कर दिया. इसके पीछे एक खालिस्तानी संगठन पोयटिक जस्टिस फाउंडेशन (PJF) का नाम सामने आया है. लेकिन अगर आप सोच रहे हैं कि रिहाना, ग्रेटा और मिया खलीफा जैसे सेलेब्रिटीज सिर्फ किसी के कहने से कोई ट्वीट कर देंगे तो आप गलत सोच रहे हैं. इसके लिए भारी भरकम पेमेंट किया गया है.

POP Singer
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न्यूज पोर्टल द प्रिंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ खालिस्तानी संगठन पोयटिक जस्टिस फाउंडेशन (PJF) के डायरेक्टर एमओ धालीवाल का एक पीआर फर्म है जिसका नाम है स्काईरॉकेट (Skyrocket). इसी फार्म नेआंदोलन के पक्ष में ट्वीट करने के लिए पॉप स्टार रिहाना को 2.5 मिलियन डॉलर का भुगतान किया था. अगर इस रकम को भारतीय करेंसी में कन्वर्ट करें तो ये रकम 18 करोड़ रुपए से भी अधिक है. सबसे पहले रिहाना ने ही ट्वीट किया उसके बाद सिलसिलेवार तरीके से ग्रेटा, पो’र्न स्टा’र मिया खलीफा और अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस की भतीजी ने कि’सान आंदो’लन के समर्थन में ट्वीट किये.

टूलकिट से खु’लासा हुआ कि यह अभियान नवंबर 2020 से चल रहा है. 23 और 26 जनवरी पर इनकी बड़े स्तर पर इस प्रोपेगेंडा फैलाने की योजना थी. पोयटिक जस्टिस फाउंडेशन सो”शल मीडि’या पर 2020 में अस्तित्व में आया. इस संग’ठन का ‘AskIndiaWhy’ नाम से एक वेबसाइट भी है. इस वेबसाइट पर लिखा गया है कि भारत एक ‘फासीवादी, हिंसक दमनकारी शासन’ की ओर बढ़ रहा है. इस संगठन ने खालिस्तान समर्थक कई सेमिनार भी आयोजित कराये हैं. खालिस्‍तान – द सिख फ्रीडम स्‍ट्रगल’ नाम का वेबिनार भी इस संगठन ने आयोजित किया था. कनाडा के कई सिख मंत्री भी इस संगठन से जुड़े हैं.