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किसानों के लिए बडी खुशखबरी: खेती करने के लिए आधे पैसे देगी मोदी सरकार, जानिए कैसे उठाये लाभ…..

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कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि सरकार बांस की खेती को प्रोत्साहन दे रही है. इससे किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी. मंत्री ने भारत में बांस को लेकर अवसरों और चुनौतियों पर राष्ट्रीय परिचर्चा को वर्चुअल तरीके से संबोधित करते हुए गुरुवार को यह बात कही. एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि दो दिन के इस कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय बांस मिशन, नीति आयोग और इन्वेस्ट इंडिया ने किया है.

तोमर ने कहा कि सरकार बांस क्षेत्र के विकास के लिए जांच परख कर रही है. बांस की खेती किसानों की आय दोगुना करने के लिए एक महत्वपूर्ण फसल हो सकती है. इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा विशेषरूप से पूर्वोत्तर के लोगों की आजीविका में सुधार होगा.

मोदी सरकार चला रही ये योजना
देश के किसानों के विकास के लिए मोदी सरकार कई योजनाएं चला रही है. नेशनल बैंबू मिशन भी उन्हीं कुछ योजनाओं में से एक है. नेशनल बैंबू मिशन के तहत आप बांस की खेती कर लाखों कमा सकते हैं. नेशनल बैंबू मिशन के तहत आप अगर बांस की खेती करते हैं तो आपको प्रति पौधा 120 रुपये सरकार की ओर से दिए जाएंगे.

आइए जानते हैं कैसे शुरू कर सकते हैं बांस की खेती.
बता दें कि मोदी सरकार ने बांस को पेड़ की कैटेगरी से साल 2018 में हटा दिया है. अब आप बिना किसी रुकावट के आसानी से बांस की खेती कर सकते हैं. हालांकि ऐसा सिर्फ निजी जमीन के लिए किया गया है. जो फॉरेस्ट जमीन पर बांस हैं उन पर यह छूट नहीं है. वहां पर वन कानून लागू होगा.

पहले तय करें कि किस काम के लिए लगा रहे हैं बांस
सरकारी नर्सरी से पौध फ्री मिलेगी. इसकी 136 प्रजातियां हैं. अलग-अलग काम के लिए अलग-अलग बांस की किस्में. लेकिन उनमें से 10 का इस्तेमाल सबसे ज्यादा हो रहा है. यह देखकर प्रजाति का चयन करना होगा कि आप किस काम के लिए बांस लगा रहे हैं. अगर फर्नीचर के लिए लगा रहे हैं तो संबंधित प्रजाति का चयन करना होगा.

कितने साल में तैयार होती है खेती?
बांस की खेती आमतौर पर तीन से चार साल में तैयार होती है. चौथे साल में कटाई शुरू कर सकते हैं. चूंकि इसका पौधा तीन चार मीटर की दूरी पर लगाया जाता है इसलिए इसके बीच की जगह पर आप कोई और खेती कर सकते हैं. इसकी पत्तियां पशुओं के चारे के रूप में इस्तेमाल हो सकती हैं. बांस लगाएंगे तो फर्नीचर के लिए पेड़ों की कटा’न कम होगी. इससे आप पर्यावरण रक्षा भी करेंगे. अभी हम काफी फर्नी’चर चीन से मंगा रहे हैं, इसलिए आप इसकी खेती से इंपो’र्ट कम कर सकते हैं.