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अगर आप भी खानें में प्रयोग करते हैं सरसों का तेल, तो जरूर पढे़ं ये खबर नही तो……

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सरसों का तेल सेहत के लिए लाभकारी माना जाता है यह मजबूत उ’त्तेजक के रूप में काम करता है जिससे आपके शरीर की कार्य क्षमता ठीक रहती है। 

सरसों का तेल का से’वन से पाचन तंत्र शासन प्रणाली  ,स्वशन प्रणाली और  इ’म्युनिटी भी मजबूत रहती है लेकिन आपको बता दें कि इतने फायदों के बाद भी सरसों के तेल की कई नु’कसान भी होते हैं आज हम आपको सरसों के तेल की कुछ नु’कसान बताते हैं। 

1 सरसों के तेल एरिटिक एसिड सामग्री कोउच्च स्तर हमारे दिल के स्वास्थ्य और भारी पड़ सकते हैं इससे हमारे दिल को काफी नुकसान पहुंचता है यह ज्यादातर मामलों में मायो’कॉर्डि’यल लि’पोडोसि’स , अद्यतन के रूप में एक निश्चित चिकित्सीय स्थिति पैदा करने के लिए जाना जाता है जिसे फा’इब्रॉटि’कघा’वों  का विकास ,मायो कॉ’र्डियल फा’इबरि या ह्रदय की कोशिकाओं में ट्रा’इग्लिसरा’इ’ड्स के नि’र्माण या उनमे वसा की बूंदों के कारण होता है हृदय की मां’सपेशि’यों को बु’री तरह से नु’कसान पहुंचा सकता है। 

 2 सरसों का तेल फेफड़ों के लिए भी नुक’सानदाय’क होता है इसका ए’रिटिक एसिड  फेफड़ों को नु’कसा’न पहुंचा सकता है यह सांस लेने के ऊपरी हिस्से को प्रभा’वित कर सकता है जिससे सांस लेने में परे’शानी हो सकती है ज्यादा लंबे समय तक सरसों के तेल का सेव’नाको फेफड़े के कैं’सर का शिका’र  बना सकता है। 

3  सरसों के तेल के अधिक सेवन से राइनाइटिस हो सकता है जिसमें शेलशम  झिल्ली  में सूजन आ जाती है  यह खांसी ,छींकने ,भरी हुई नाक और नाक टपकने की विशेषता है इसलिए सरसों के तेल के उपयोग कम  करना चाहिए। 

4 प्रेग्नेंट महिलाओं को सरसों के तेल का सेवन कम ही करना चाहिए क्योंकि इसमें कुछ रासायनिक यौगिक होते हैं जो बच्चे के साथ-साथ उनके लिए भी हानिकारक हो सकते हैं शोधकर्ताओं के अनुसार इनकी वजह से महिला का ग’र्भपात भी हो सकता है। 

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं मान्यताओं पर आधारित हैं. हमारा चैनल इसकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें. इस खबर से सबंधित सवालों के लिए कमेंट करके बताये और ऐसी खबरे पढ़ने के लिए हमें फॉलो करना ना भूलें – धन्यवाद