Categories
Entertainment

जब छात्रा नें दिल्ली को बताया पा’किस्ता’न की राजधानी, वजह सुन चौं’क जायेगें आप..👇

खबरें

आजकल के बच्चे बहुत स्मा’र्ट हो रहे हैं। उन्हें कुछ सि’खाने या ब’ता’ने की ज़’रूरत नहीं होती। उनकी यही स्मा’र्टने’स पै’रेंट्’स के लिए अनेक मु’श्कि’लें ख’ड़ी कर देती हैं, जिन्हें हैं’डल करना उनके लिए आ’सा’न नहीं होता। आज ऐसा ही एक मा’मला सा’मने आया जो कि दि’ल्ली का है द’रअस’ल हुआ ये कि दि’ल्‍ली के एक स्‍कू’ल में जब शि’क्ष’क अपने छात्रों से स’वा’ल ज’वा’ब

आ’जक’ल के ब’च्चे बहुत स्मा”र्ट हो रहे हैं। उन्हें कुछ सि’खा’ने या ब’ता”ने की ज़’रूर’त नहीं होती। उन’की यही स्मा’र्ट’ने’स पै’रेंट्’स के लिए अने’क मु’श्कि’लें ख’ड़ी कर देती हैं, जिन्हें हैं’ड’ल करना उनके लिए आ’सा’न नहीं होता। आज ऐसा ही एक मा’म’ला सा’म’ने आया जो कि दि’ल्ली का है दर’अ’सल हुआ ये कि दि’ल्‍ली के एक स्‍कू’ल में जब शि’क्ष’क अपने छात्रों से स’वा’ल ज’वा’ब कर रहा था तब उसे है’रा’न कर देने वाला ज’वा’ब एक छा’त्रा से मिला। बता दें कि उस समय कक्षा में सो’शल स्ट’डी की प’ढ़ाई हो रही थी तभी शि’क्षक ने छात्रों से प्रश्न किया। आइए जानते हैं क्‍या था वो प्रश्‍न

एक छात्रा ने ज’वाब दिया: दिल्ली

वैसे आपकी जा’नका’री के लिए बता दें कि 2014 में मो’दी स’रका’र के आते ही दिल्ली में औ’रंगजे’ब नाम की स’ड़क को हटा दिया गया जिसका कुछ ने’ताओं ने खू’ब वि’रो’ध भी किया था।

रहा था तब उसे है’रान कर देने वाला जवाब एक छा’त्रा से मिला। बता दें कि उस समय कक्षा में सोशल स्टडी की पढ़ाई हो रही थी तभी शि’क्षक ने छात्रों से प्र’श्न किया। आइए जानते हैं क्‍या था वो प्र’श्‍न

एक छात्रा ने ज’वाब दिया: दिल्ली

शिक्षक : क्या बोल रही हो, पा’किस्ता’न की रा’ज’धा’नी दिल्ली कैसे?

छात्रा : जब आप, “भारत की रा’जधानी दिल्ली” में, अगर कभी,” घूमने” आएंगे तभी आपको पता चल जाएगा कैसे।

इतना ही नहीं उसने ये चीज सि’द्ध करके भी दिखाया उसने बताया कि “शा’ह’ज’हां” रोड़ से निकलकर, “अ’क’ब’र” रोड़ पर प’हुँ’च जायेंगे, आगे जाकर, “बा’ब’र” रोड़ पर मु’ड़ जायेंगे । फिर “हु’मा’यूं” रोड़ पर सी’धे चले जा’इये’गा वहां एक गो’ल च’क्कर मिलेगा, जहाँ से आ’प, “तु’गल’क” लेन में घु’स जायेंगे, “लोधी” रोड़ पर आगे ब’ढिये “सफ’दरजं’ग” रोड आएगा इसके बाद, “तु’गल’काबाद” एवं “जा’मि’या न’ग’र” होते हुए, “कु’तुब’मीना’र” तक जाइए और जब इस “सूफियाने मा’हौ’ल’ में, “दम घुटने लगे” तो “सरा’य का’ले’” होते हुए…”नि’जामुद्दी’न” रेलवे स्टेशन से,अपने शहर की, “रेल’गाड़ी” में बैठिए और घर वापस आ जाइये।

अब ब’ताइ’ए क्‍या पा’किस्‍ता’न की रा’जधा’नी दिल्‍ली है या नहीं?

वैसे आपकी जा’नका’री के लिए बता दें कि 2014 में मो’दी स’रका’र के आते ही दि’ल्ली में औरं’गजे’ब नाम की स’ड़क को ह’टा दिया गया जिसका कुछ ने’ताओं ने खू’ब वि’रोध भी किया था।