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सुशांत मामले में सामने आई बड़ी जानकारी, पो’स्टमा’र्टम होने से 10-12 घंटे पहले…

सुशांत सिंह राजपूत की मौ’त के मामले में हर रोज नई जानकारी सामने आ रही है। इस पूरे मामले की सीबीआई जांच कर रही है। अब इस मामले में अब चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। दरअसल सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद उनका जो पोस्टमार्टम किया गया था, उसमे सुशांत के समय का जिक्र नहीं किया गया था। सुशांत के शव का पो’स्टमा’र्टम करने वाले डॉक्टर ने बताया कि अस्पताल के स्टाफ ने मौत का समय ऑटोप्सी रिपोर्ट में दर्ज नहीं किया था। दरअसल सुशांत मामले की जांच मुंबई पुलिस कर रही थी, लेकिन इस मामले की जांच सीबीआई के पास आने के बाद पुलिस ने इस केस से जुड़े सभी दस्तावेज सीबीआई को सौंप दिए हैं।

इस मामले में जो जानकारी अभी सामने आई है, उसके अनुसार सुशांत सिंह की मौ’त के बाद उनका पोस्टमार्टम मुंबई के कूपर अस्पताल में किया गया था। कूपर अस्पताल के डॉक्टर ने मुंबई पुलिस को 5 अगस्त को बताया था कि पोस्टमार्टम से 10-12 घंटे पहले सुशांत सिंह राजपूत की मौत हो चुकी थी। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार सुशांत का पोस्टमार्टम 14 जून को रात 11.30 बजे हुआ था। अब इस पूरे मामले में एम्स की फॉरेंसिक टीम को भी शामिल किया गया है जोकि सुशांत की ऑटोप्सी रिपोर्ट की जांच करेगी।

ऑटोप्सी पर खड़े हुए सवाल

एम्स की फॉरेंसिक विभाग के चीफ डॉक्टर सुधीर गुप्ता ने सुशांत की ऑटोप्सी रिपोर्ट को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं और कई संगीन आरोप लगाए हैं। बता दें कि सुशांत की ऑटोप्सी रिपोर्ट की जांच करने वाली एम्स टीम की अगुवाई डॉक्टर सुधीर गुप्ता कर रहे हैं। डॉक्टर गुप्ता ने एक इंटरव्यू में कहा था कि ऑटोप्सी में एक बड़ा सच यह है कि इसमे मौत के समय का जिक्र नहीं किया गया है जोकि बहुत बड़ी चूक है। डॉक्टर गुप्ता ने कहा कि ऑटोप्सी रिपोर्ट में समय का स्टांप नहीं था, लिहाजा पुलिस को इस मामले में दूसरे डॉक्टरों की राय लेनी चाहिए। लेकिन पुलिस अधिकारियों ने ऐसा नहीं किया है।

समय दर्ज करना अनिवार्य

जब डॉक्टर गुप्ता से सुशांत की ऑटोप्सी को लेकर सवाल पूछा गया कि आप इस रिपोर्ट को देखकर क्या कहना चाहते हैं तो उन्होंने कहा कि यह हार्ड फैक्ट है, इसके बारे में क्या ही कहा जा सकता है, इन लोगों को समय को दर्ज करना चाहिए था। ऑटोप्सी रिपोर्ट में मृ’त्यु के समय को दर्ज करना अनिवार्य है। मुझसे भी सीबीआई ने पूछताछ की है, मैं डॉक्टर्स से भी बात करूंगा, उसके बाद ही इस पूरे मामले में मैं विस्तार से अपनी बात रख सकता हूं। बता दें कि डॉक्टर गुप्ता की अगुवाआई वाली ही टीम ने शीना बोरा, जेसिका लाल और सुनंदा पुष्कर मामले में अपनी कानूनी मेडिकल राय साझा की थी।