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भारत को कब मिलेगी कोरोना से राहत? वैज्ञानिकों ने दिया जवाब…..

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कोरोना संक्रमण और इसके कारण हो रही मौ’तों से देश बेहाल है. पीएम नरेंद्र मोदी की सलाहकार टीम का भी वो अंदाजा गलत साबित हुआ है कि देश में कोरोना अप्रैल में अपने पीक पर होगा. जबकि देश में अब भी हालात दिन-ब-दिन बदतर ही होते जा रहे हैं. अब वैज्ञानिकों ने कहा है कि भारत में कोरोना का पीक मई के मध्य में आएगा और उसके बाद मा’मले घटने शुरू होंगे.

3 दिन से दर्ज हो रहे कोरोना के 4 लाख से ज्‍यादा मामले
देश में लगातार 3 दिनों से कोरोना संक्रमण के रोजाना 4 लाख से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं. वहीं बीते एक दिन में 4,200 से ज्‍यादा लोगों की जान गई हैं. वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि आंकड़ों को कम करके बताया जा रहा है, क्योंकि श्मशान घाटों पर अंतिम संस्कार के लिए लाइनें लग रही हैं. यहां तक कि कई शहरों में सड़कों पर चिताएं जलानी पड़ी हैं.

राज्‍य स्‍तर पर लग रहे लॉकडाउन
वैसे तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशव्‍यापी लॉकडाउन लगाने से बच रहे हैं. वहीं महामारी की भयावहता को देखते हुए कई राज्‍यों की सरकारों ने राज्‍यव्‍यापी लॉकडाउन लगा दिए हैं. इसके अलावा कुछ राज्‍यों ने वीकेंड और नाइट क’र्फ्यू का सहारा लिया है.

कुछ दिनों बाद आएगा कोरोना का पीक
ब्लूमबर्ग क्विंट में छपी रिपोर्ट के मुताबिक हैदराबाद में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) के प्रोफेसर माथुकुमल्ली विद्यासागर ने कहा है कि ‘हमारे पुर्वानुमान के मुताबिक अगले कुछ दिनों में भारत में कोरोना का पीक देखने को मिल सकता है. मौजूदा अनुमान के मुताबिक जून के आखिर तक देश में रोजाना 20 हजार मामले सामने आ सकते हैं.’

पहले अप्रैल में पीक आने का था अनुमान
प्रोफेसर माथुकुमल्ली विद्यासागर ने आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर मनिंद्र अग्रवाल द्वारा तैयार किए गए मॉडल का उल्‍लेख भी किया है, जिसमें प्रो.अग्रवाल की टीम ने भविष्यवाणी की थी कि अप्रैल के मध्य तक कोरोना की लहर अपने चरम पर होगी. यह अनुमान गलत साबित हुआ और मई महीने में भी संक्रमण और मौतों के आंकड़े बढ़ने का सिलसिला जारी है. हालांकि बाद में प्रो. अग्रवाल ने 7 मई को कोरोना पीक आने की बात कही.

नए वैरिएंट को माना जा रहा जिम्‍मेदार
देश में पिछले 15 दिनों से कोरोना के 3 लाख से ज्‍यादा मा’मले द’र्ज हो रहे हैं. इसके साथ ही देश में अब तक कोरोना वायरस से सं’क्र’मि’त हो चुके लोगों की कुल संख्‍या 2 करोड़ को पार कर चुकी है. मा’मलों में बढ़ोतरी के लिए नए वैरिएंट और सुरक्षा उपायों में ढील को जिम्‍मेदार बताया जा रहा है.