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भारत बंद: जानिए किन-किन राज्यों में कैसे है हालात, यहां देंखे विस्तार से

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का’नूनों के खि’लाफ कि’सानों का आज भा’रत बंद है। कांग्रेस समेत 18 से ज्यादा राजनीतिक दलों ने कि’सानों के बंद का समर्थन किया है। कि’सान सं’गठन भा’रत बंद के दौरा’न सड़’कों पर उतर आए हैं। पंजाब, बंगाल समेत कई राज्यों में ट्रेड यूनियन और किसान संगठन प्रदर्शन कर रहे हैं। प’श्चिम बंगाल में प्रद’र्शन’कारि’यों ने रेल रोक दिया है। बैं’क यू’निय’न ने बंद का तो समर्थन किया है लेकिन वे ह’ड़ता’ल पर नहीं जाएंगे। आइए जानते हैं किन-किन रा’ज्यों में भा:रत बंद पड़ेगा सबसे बड़ा अ’सर..

दिल्ली
किसानों के आंदोलन का मुख्य केंद्र बने दिल्ली में इसका सबसे ज्यादा असर पड़ने की संभावना है। सीएम अरविंद केजरीवाल और उनकी आम आदमी पार्टी ने किसानों के आंदोलन को समर्थन का ऐ’लान कर रखा है। राज’धा’नी दि’ल्ली में परिवहन सेवाओं पर असर पड़ने की संभवाना है क्योंकि कुछ टैक्सी यूनियन ने भी भारत बंद का समर्थन किया है। मंडियों के कुछ कारोबारी भी इस आंदोलन में हिस्सा लेंगे। दिल्ली सीमा पर प्रतिबं’ध जारी रहेगी।

उत्तर प्रदेश
कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने बंद का समर्थन किया है। पश्चिम यूपी में बंद का ज्यादा असर दिख सकता है। यहां भारतीय किसान यूनियन का ज्यादा प्रभाव है। यूनियन सरकार के कानून का वि’रोध कर रहा है। बस और रेल यात्रियों को हो सकती है परेशानी भारत बंद के चलते यूपी में शाम तीन बजे तक चक्का जाम रहेगा। यातायात सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। बस और रेल से यात्रा करने वाले यात्रियों को परेशानी हो सकती है। आवश्यक चीजों जैसे दूध, फल और सब्जी पर रोक रहेगी। नोएडा में धा’रा 144 लागू गौतमबुद्ध नगर जिले में छह दिसंबर 2020 से दो जनवरी 2021 तक धा’रा 144 ला’गू की गई है। पु’लिस अ’धिका’रियों का कहना है कि उत्तर प्रदेश आ’पदा प्रबं’धन अ’धिनि’यम 2005 की धा’रा दो की उप धारा (जी) के अंतर्गत को’विड-19 के का’रण फैल रही म’हामा’री को आ’पदा घो’षित किया गया है।

पंजाब
किसान आंदोलन का केंद्र पंजाब में इसका सबसे ज्यादा असर पड़ने की संभावना है। सत्तारूढ़ कांग्रेस, विपक्षी शिरोमणि अकाली दल और आम आदमी पार्टी बंद का समर्थन कर रही है। राज्य पूरी तरह बंद रह सकता है।

हरियाणा
किसान आंदोलन का एक और प्रमुख केंद्र हरियाणा है। राज्य सरकार की सहयोगी जननायक जनता पार्टी के 5 विधायकों ने किसानों के भारत बंद का समर्थन किया है। नैशनल हाइवे समेत दिल्ली की तरफ आने वाले कई रास्तों पर बंद का पड़ सकता है असर।

राजस्थान
स’त्तारूढ़ कांग्रेस ने किसानों के बंद का स’मर्थन किया है। राज्य के ब’ड़े हा’इवे पर बंद का सबसे ज्यादा अस’र पड़ स’कता है। हा’इवे पर अ’तिरिक्त पु’लिस बल की तै’नाती की जा रही है।

महाराष्ट्र
राज्य में स’त्तारूढ़ शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी ने किसानों के बंद का समर्थन किया है। मुंबई, पुणे जैसे बड़े शहरों में कार्यालय बंद रह सकते हैं। राज्य के मराठवाड़ा और विदर्भ के ग्राणीण इलाकों में भी बंद का असर पड़ने की संभावना।

जम्मू-कश्मीर
कें’द्रशासि’त प्र’देश ज’म्मू-क’श्मीर में कां’ग्रेस, पीडी’पी और नैश’नल का’न्फ्रेंस ने बं’द का सम’र्थन किया है। ज’म्मू शहर और क’श्मीर घा’टी में भा:रत बंद का अ’सर पड़ सकता है।

हिमाचल प्रदेश
राज्य में वि’पक्षी कां’ग्रेस ने भा’रत बंद का सम’र्थन किया है। कां’ग्रेस ने बंद के सम’र्थन में पूरे भारत में रास्ता रोको आं’दोलन करने का ऐला’न किया है। ले’फ्ट सम’र्थित यूनि’यनों ने भी बंद का समर्थन किया है।

उत्तराखंड
बी’जेपी शा’सित उत्त’राखं’ड में कां’ग्रेस और आम आदमी पार्टी ने बंद का समर्थन किया है। उधम सिंह नगर, हरिद्वार में बंद का व्या’पक असर पड़ सकता है। यहां पर बड़ी सं’ख्या में सिख आ’बादी खे’ती के काम से जु’ड़ी है।

बिहार
बिहार में मुख्य वि’पक्षी दल आ’रजे’डी, कां’ग्रेस और ले’फ्ट दलों ने कि’सानों के भा’रत बं’द का सम’र्थन किया है। आ’रजेडी ने रा’ज्य के सभी हि’स्सों में प्रदर्शन का ऐला’न किया है। माना जा रहा है कि रा’ज्य के कई हि’स्सों में इसका बड़ा अ’सर पड़ सक’ता है।