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कैबिनेट ने किया बड़ा ऐलान, क्या अब उद्धव ठाकरे बचा पाएंगे मुख्यमंत्री पद की कुर्सी

देश में कोरोना वायरस के मामलों तेजी से बढ़ रहे है. आपको बता दें कि अब तक मरीजों की संख्या पांच हजार के पार पहुंच चुकी है. अब तक देश में इसके 5734 केस सामने आ चुके हैं. वहीं 166 लोगों की इससे मौत हो चुकी है. साथ ही बता दें कि 401 लोग इलाज के बाद रिकवर भी हो चुके हैं. आपको बता दें कि देश में सबसे ज्यादा मामले महाराष्ट्र से सामने आ रहे हैं.

इसी सब को लेकर अब महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे की कुर्सी खतरे में हैं. अब इसको लेकर महाराष्ट्र कैबिनेट ने राज्यपाल से सिफारिश की है कि वे अपने कोटे से उद्धव ठाकरे को विधान परिषद सदस्य के रूप में नामित करें. महाराष्ट्र में राज्यपाल द्वारा मनोनीत होने वाली विधान परिषद की दो सीटें अभी खाली हैं.

आपको बता दें कि उद्धव ठाकरे अभी विधानमंडल के किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं. बताते चलें कि संविधान की धारा 164 (4) के मुताबिक सीएम पद पर बने रहने के लिए उन्हें छह महीने के अंदर, यानी 29 मई, 2020 से पहले राज्य विधानमंडल के किसी सदन की सदस्यता लेना अनिवार्य है. ऐसे में अब कैबिनेट के सदस्यों ने इसको लेकर राज्यपाल से सिफारिश की है. अगर राज्यपाल मान जाते हैं तो उद्धव ठाकरे की कुर्सी बच जाएगी.

यहां ये बता दें कि उद्धव ठाकरे ने आज तक कोई चुनाव नहीं लड़ा है. सीएम की कुर्सी पर बने रहने के लिए या तो उन्हें विधानसभा या फिर विधान परिषद का सदस्य बनना होगा. लेकिन कोरोना वायरस के खतरे और लॉकडाउन के विधान परिषद यानी एमएलसी के चुनाव को फिलहाल टाल दिया गया है.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक यहां पॉजिटिव मामलों की संख्या 1135 हो चुके हैं. दूसरा विकल्प ये है कि उद्धव ठाकरे छह महीने का वक्त पूरा होने से पहले ही इस्तीफा दे दें और दोबारा से मुख्यमंत्री पद की शपथ लें. ऐसा करने के बाद उन्हें विधानमंडल के किसी सदन का सदस्य बनने के लिए छह महीने का समय फिर से मिल जाएगा. लेकिन यहां समस्या ये है कि अगर ठाकरे इस्तीफा देते हैं तो इसे पूरी कैबिनेट का इस्तीफा माना जाएगा. ऐसे में कोरोना वायरस को लेकर महाराष्ट्र में जो हालात है, उसमें ये दूसरा विकल्प मुश्किल है।